फरवरी १३, २०१९
सराय रोहिल्लाके तुलसी नगरमें २ पडोसियोंके मध्य हिंसक झडप होनेका प्रकरत सामने आया है । इसके कारणसे गलीमें कुछ लोगोंने अपने घरोंके बाहर ‘यह मकान बिकाऊ है, देहली पुलिस हमें सुरक्षा देनेमें असमर्थ है, हमपर घर विक्रय करनेका बलात दबाव बनाया जा रहा है’, जैसे फलक (पोस्टर) चिपकाए गए हैं ।
तुलसी नगरकी गली क्रमांक एकमें सतीश कुमार परिवारके साथ रहते हैं । उनका जूतोंका व्यापार है । घरके सामने इदरीशका घर है । सतीशका आरोप है कि उनके घरके आगे मांस, मछली और अस्थीयोंके पैकेट आए दिन फेंक दिए जाते हैं । सतीशका दावा है कि विरोध करनेपर झगडा करते हैं । वे चेतावनी देते हैं कि तुम्हें भी घर विक्रय करना पडेगा, अन्यथा तुम्हारा रहना यहां कठिन कर देंगे । आरोप है कि शनिवारको भी उन्होंने घरके आगे मांस फेंका । विरोध करनेपर सरिया लेकर मारने आ गए ! आरोप है कि इदरीश और उनके पुत्र फवादने आक्रमण किया और अपशब्द कहते हुए चेतावनी दी । घटनामें दो लडकोंको चोटें आईं ।
चोटिलोंका अभिज्ञान १५ वर्षीय कुनाल व सागरके रूपमें हुई है । इस मध्य पुलिस पहुंची और आरोपियोंपर मारने-पीटनेके अन्तर्गत अभियोग प्रविट कर लिया । आरोप है कि जिस समय पुलिस पहुंची, उनमेंसे एकने पुलिसकर्मीके हाथसे डंडा छीनकर भी आक्रमण किया ।
सतीशका कहना है कि आसपासके वातावरणको देखते हुए अपना घर विक्रमकर पलायन करनेको विवश हैं । डीसीपी नूपुर प्रसादके अनुसार, गलीमें सद्भभावना और सौहार्दका वातावरण बनाए रखनेके लिए शनिवारको सराय रोहिल्ला थानेमें शान्ति बैठक रखी गई थी ।
“अब राजधानी देहली, जहां सबसे अधिक सुरक्षा व पुलिसबल माना जाता है, वहां भी हिन्दुओंके लिए रहने योग्य स्थान नहीं रहा है और हिन्दू वहां पलायन करनेको विवश है ! पुलिस कोई सुरक्षा नहीं प्रदान कर पा रही है तो ऐसेमें देशका कौनसा भाग है, जो हिन्दुओंके रहने योग्य है ? और हिन्दुओ ! कश्मीरसे भागे, अन्य राज्य जहां अल्पसंख्यक हो चुके हैं, वहांसे भाग रहे हैं, अब देहलीसे भी, अन्ततः कहांतक भागेंगे ? कहीं एक दिवस ऐसा न हो कि देश छोडकर ही भागना पडे ! इसका एक ही उपाय है, समाजमें धर्माभिमान जागृत करना । आजका हिन्दू धर्माभिमानी न होकर धर्मनिरपेक्ष है, जिसका परिणाम वह भोगता है; अतः हिन्दुओ ! यदि अपना अस्तित्व बचाना चाहते हैं तो भागो नहीं, जागो ! मुसलमान देशके प्रत्येक कोनेमें तीव्रतासे बढ रहे हैं, इससे पूर्व यह भीएक इस्लामिक राष्ट्र बने, शासन त्वरित कोई पग उठाए और जो समाचार माध्यम, नेतागण और तथाकथित बुद्धिजीवि केवल धर्मान्ध हितकी बातें करते हैं, हिन्दुओंकी आपदा उहें दिखती नहीं, वे स्मरण रखें कि आगामी हिन्दू राष्ट्रमें ऐसे धर्मद्रोहियोंका नाम काले अक्षरोंमें राष्ट्रद्रोहियोंके रूपमें ही अंकित किया जाएगा !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : नभाटा
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