नवम्बर ५, २०१८
दिल्लीमें अकाली दलके विधायक मनजिंदर सिंह सिरसाने चलचित्र अभिनेता शाहरुख खानके विरुद्ध आपराधिक अभियोगका प्रकरण प्रविष्ट करवाया है । सिरसाने अपनी परिवादमें ये आरोप लगाया है कि शाहरुख खानने अपने चलचित्र ‘जीरो’केद्वारा सिखोंकी धार्मिक भावनाओंको कथित रूपसे हानि पहुंचाई है । शाहरुख खानके आने वाले चलचित्र ‘जीरो’के विज्ञापन-पटपर (पोस्टरपर) सिख समुदायने विरोध प्रकट किया है । इस चलचित्रके एक विज्ञापनपटमें शाहरुखने ‘कृपाण’ धारण की हुई है ! इसीपर दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी (डीएसजीपीसी) और अन्य सिखोंने विरोध प्रकट किया है ।
सिख समुदायके अनुसार, शाहरुख नंगे शरीरपर नोटोंका हार पहने हुए हैं और वे गलेमें गातरा (कृपाण) पहने हुए भी देखे जा सकते हैं ! गातरा (कृपाण) सिखोंके पवित्र पांच ककारोंमें से एक है । सिख समुदायके अनुसार इसे उपहासके रूपमें दिखाया गया है । वही इस प्रकरणमें डीएसजीपीसीके धर्म प्रचार समितिके अध्यक्ष परमजीत सिंह राणाने भी अपना परामर्श रखा है । परमजीतने एक पत्र जारी करते हुए कहा, “हाल ही में शाहरुख खानके चलचित्रका विज्ञापनपट सामने आया है, जिसमें वह कृपाण पहने हुए दिख रहे हैं, जो इसका उपहास उडानेके समान है !”
राणाने फिल्म निर्माताओं और शाहरुख खानको चेतावनी देते हुए कहा है कि वह शीघ्रातिशीघ्र अपने इस विज्ञापनपटको वापिस लें । चलचित्रसे भी उन दृश्योंको हटाएं, जिनमें कृपाणका उपहास बनाया गया है । यदि ऐसा नहीं किया गया तो चलचित्रके विरुद्घ विरोध प्रकट कराते हुए इसके प्रकाशनको रोका जाएगा ! संकेत मिले रहे हैं कि समिति फिल्म निर्माताओं और शाहरुखको अधिसूचना जारी करनेकी तैयारीमें भी है !”
परमजीतने कहा कि कृपाण सिखोंका धार्मिक चिह्न है । यह केवल दिखाने मात्रके लिए नहीं है, बल्कि इनके साथ मानवीय भावनाएं और संकल्प भी जुडे हुए हैं ! यह एक प्रण है जिसके साथ आत्मविश्वास और आत्मसम्मानको बनाए रखते हुए असहायोंकी रक्षाके लिए उठानेका संकल्प जुडा हुआ है; लेकिन चलचित्रोंमें इसप्रकार धार्मिक चिन्होंका उपहास करना प्रचलन बन गया है !
“शाहरुख खानको कहना चाहेंगे कि इस्लाममें बताने और उपहासके लिए काफी सामग्री उपलब्ध है । अपनी यह तथाकथित कला ये लोग इस्लामपर क्यों नहीं करते, आप सब इसपर अवश्य विचार करें व इन हिन्दू धर्म द्रोहियोंको पूर्णतया प्रतिबन्धित करें !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : जनसत्ता
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