‘पाकिस्तान नहीं है भारतका वास्तविक शत्रु’, अखिलेश यादवके वक्तव्यपर बोली ‘भाजपा’, “जिसे जिन्नासे प्रेम, वह कैसे करे ‘पाक’से इनकार?”


२४ जनवरी, २०२२
      उत्तर प्रदेशमें होनेवाले विधानसभा चुनावके परिणाम भले ही १० मार्च २०२२ को (गुरुवारको) आनेवाले हों; किन्तु अभीसे ही ‘सपा’ स्वयंकी विजयको लेकर सुनिश्चित दिखाई दे रही है । ‘पार्टी’के ‘सुप्रीमो’ अखिलेश यादवने अब प्रतिवाद (दावा) किया है कि भारतका वास्तविक शत्रु पाकिस्तान नहीं है । उन्होंने ‘दावा’ किया कि मतोंके लिए पाकिस्तानको ‘भाजपा’ लक्ष्य बनाती है, जबकि वास्तविक शत्रु चीन है । उन्होंने कहा कि डॉ. राम मनोहर लोहिया और मुलायम सिंह यादवकी सदैवसे यही स्पष्ट मत रहा है । उन्होंने कहा कि पाकिस्तान हमारा राजनीतिक शत्रु है, जबकि चीन वास्तविक शत्रु है ।
      ‘भाजपा’के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्राने कहा, “जिसे जिन्नासे प्रेम हो, वह पाकिस्तानसे कैसे ‘इनकार’ कर सकता है ?” अखिलेश यादव इस चुनावमें जिन्ना और पाकिस्तानको लेकर आए हैं; क्योंकि उन्हें उनसे प्रेम है । जहां समूचा देश उत्तर प्रदेशका स्थापना दिवस मना रहा है, अखिलेश यादव कह रहे हैं कि भारतका वास्तविक शत्रु पाकिस्तान नहीं है । संबित पात्राने कहा कि यदि आज याकूब मेमन जीवित होता तो ‘सपा’ उसे भी चुनावी क्षेत्रमें उतार देती । उन्होंने ‘सपा’के प्रत्याशियोंकी सूचीमें ‘गुण्डे-मवालियों’ और ‘दंगाइयों’की प्रचुरता होनेकी बात कही । उन्होंने कैरानासे ‘दंगा’ आरोपित नाहिद हसनको ‘टिकट’ दिए जानेपर ‘सपा’की आलोचना की ।
       समाजवादी पार्टी जैसे दल आज भी मुसलमानोंके मतोंके लिए अपने ‘जिन्नाप्रेम’को व्यक्त कर रहे हैं, जिससे हिन्दुओंको सीखना चाहिए । यदि मुसलमान, अपने धार्मिक हितोंके लिए एकमत होकर मतदान कर सकते हैं तो हिन्दुओंको भी ऐसा ही करना चाहिए तथा हिन्दूहितका ध्यान रखनेवाले लोगोंको विजयी बनाना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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