नवम्बर २१, २०१८
अंडमान और निकोबार द्वीपसमूहके एक द्वीपपर एक अमेरिकी व्यक्तिकी हत्या कर दी गई । माना जा रहा है कि यह एक जनजातिके लोगोंने किया है, जो बाहरी लोगोंके वहां आने या उनसे सम्पर्क करनेका विरोध करते हैं ।
‘एएनआई’के अनुसार मृतक अमेरिकी नागरिकका अभिज्ञान जॉन एलन चौके रूपमें हुआ है । पुलिसने इस सम्बन्धमें अज्ञातके विरुद्घ हत्याका प्रकरण प्रविष्ट कर लिया है । इस हत्याकांण्डके पश्चात पुलिसने अंडमान द्वीप समूहसे सात लोगोंको बन्दी बनाया है ।
स्थानीय समाचार माध्यमोंके अनुसार, मृतक चौ एक मिशनरी थे, जो ईसाईयोंका प्रचार करनेके लिए सेंटिनलीजसे मिलना चाहते थे । एक समाचार पत्रने सूत्रोंका सन्दर्भ देते हुए बताया कि चौ पहले भी पांच बार अंडमान-निकोबार द्वीपोंका भ्रमण कर चुके थे । वे ईसाईयोंका प्रचार करनेके लिए सेंटिनली जनजातियोंसे मिलनेकी इच्छा रखते थे ।
जानकारीके अनुसार जॉन एलन चौ एक मछुआरेकी सहायतासे गत पांच दिवससे उत्तरी सेंटीनेल द्वीपमें घूम रहे थे । पुलिसने मंगलवारको उनकी हत्याका प्रकरण प्रविष्ट किया है ।
उत्तरी सेंटिनल द्वीप सेंटिनेलिसका गढ है, जो एक स्वदेशी जनजाति है । वो किसी भी बाहरी मानवसे सम्पर्क नहीं रखना चाहते है । वो उनके क्षेत्रमें किसीकी उपस्थितिको स्वीकार नहीं करते हैं । भारतीय विधान सेंटिनली लोगोंकी रक्षा करता है । उनकी संख्या ५० से कम होनेका अनुमान है । वे पैसेका उपयोग नहीं करते हैं ।
उनपर अभियोग नहीं चलाया जा सकता है । उनके साथ कोई सम्पर्क या उनके निवास क्षेत्रोंमें प्रवेश अवैध घोषित है । सेंटिनली लोगोंके वीडियो भी लेना प्रतिबन्धित है । २०१७ में सरकारने स्पष्ट किया था कि सेंटिनेलियोंको आदिवासी जनजातिके रूपमें पहचाना जाता है । उन्हें दिखाए जाने वाले वीडियो सामाजिक प्रसार माध्यमों या अन्तर्जालपर नहीं डाले जा सकते हैं ।
“विकासशील देशोंमें ईसाई धनका लालच देकर धर्म-परिवर्तन करते हैं, परन्तु जो आदिवासी कबीलेके लोग धनका प्रयोग ही नहीं करते, उन्हें कैसे परिवर्तित किया जा सकता है और क्यों मानव सबको अपने तथाकथित विकासके मापकपर तोलनेको तुला है ? मानवने अपने विकाससे केवल विनश ही तो किया है तो जो अपनी संस्कृतिपर चल रहे हैं, उसमें क्यों व्यवधान उत्पन्न किया जाए और इस प्रकरणसे स्पष्ट है कि आदिवासियोंकी दृष्टिमें हम मानव कितने तुच्छ है जिसने लालचमें सम्पूर्ण पृथ्वीको नष्ट कर दिया !”
स्रोत : आजतक
Leave a Reply