साईं मंदिरमें ध्वनिविस्तारक यन्त्र (लाउडस्पीकर) चलानेपर धर्मान्ध सादिकने पुजारीकी हत्या !


नवम्बर ३, २०१८

आंध्र प्रदेशके वारंगलमें एक धर्मान्ध मुसलमानद्वारा पीटे गए पुजारीकी चिकित्साके समय मृत्यु हो गई है !, जिसके पश्चात् भाजपा और विश्व हिन्दू परिषदके सदस्य सडकोंपर उतर आए हैं और आरोपीके विरुद्ध कडी कार्यवाही करनेकी मांग की है । २६ अक्टूबरको वारंगल जनपदमें स्थित एक साईं मंदिरके पुजारी और मंदिरके निकट रहने वाले एक मुस्लिम युवक सादिक हुसैनके मध्य विवाद हो गया था । यह विवाद मंदिरके ध्वनिविस्तारक यन्त्रकी (लाउड स्पीकरकी) ध्वनिको लेकर हुआ, जिससे सादिककी मांको परेशानी हो रही थी । सादिकने मंदिरके पुजारी सत्यनारायण शर्माको ध्वनि कम करनेको कहा, जिसे लेकर दोनोंके मध्य विवाद हो गया !

इसीमें सादिकने पुजारी सत्यनारायण शर्माको बुरी तरहसे पीट दिया ! झगडेमें चोटिल पुजारीको चिकित्सालयमें प्रविष्ट कराया गया, जहां स्थिति गंभीर होनेपर पुजारीको हैदराबाद भेज दिया गया । बताया जा रहा है कि गुरुवार, ३१ अक्तूबरको चिकित्साके मध्य पुजारीने प्राण त्याग दिए ! पुजारीकी मृत्युसे वहां तनाव फैल गया है । भाजपा और विश्व हिन्दू परिषदके सदस्य सडकोंपर उतर आए हैं और आरोपीके विरुद्घ कडी कार्यवाहीकी मांग की है । बता दें कि आरोपीको घटना वाले दिन ही पुलिसने बन्दी बना लिया था । आरोपीके विरुद्ध ‘धारा ४५२ (प्राणघातक आक्रमण) और ३०२’के (हत्या) अन्तर्गत प्रकरण प्रविष्ट किया गया है ।



“मुसलमान पांच-पांच बार दशकोंसे भोंपूपर नमाज पढते हैं, जिसे करोडों हिन्दू प्रतिदिन सहन करते हैं ! और क्या धर्मान्ध सादिकद्वारा पुजारीकी हत्या उसकी मांको होने वाले कष्टका परिणाम है ? क्या यह उसी विषका परिणाम नहीं, जो उसके मनमें बोया गया था ?, अन्यथा ऐसे हत्या कौन करता है ?, स्वयं विचार करें !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : जनसत्ता



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।

विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution