दीर्घकालतक चावलका भण्डारण करनेकी कुछ पद्धतियां (भाग-अ)
जिस आपातकालकी बात द्रष्टा सन्त कर रहे थे वह आ चुका है और यह अभी दिसम्बर २०२४ तक चलेगा । ऐसी स्थितिमें हमें इस कालमें कुछ पूर्वसिद्धताके करके रखना होगी और इसमें सबसे महत्त्वपूर्ण है, अन्नका भण्डारण ।
आज हम चावलका भण्डारण कैसे कर सकते हैं ? इसकी दो पद्धतियोंके विषयमें जानेंगे ।
चावलको एक सूखे हुए प्लास्टिकके ‘हवाबन्द’ पात्रमें रखना चाहिए । उसमें चावल रखनेसे पूर्व उसे धूपमें दो तीन घण्टे रखना चाहिए ।
१. चावलको सुरक्षित रखने हेतु नीमके पत्तेको छांवमें सुखाकर, उसे चावलके पात्रमें डालकर रखना चाहिए ।
नीमकी पत्तियोंका उपयोग कैसे करें ?
आप जिस डिब्बेमें चावल रख रहे हैं, पहले उसके तलेमें कुछ नीमकी पत्तियां रखें, उसके पश्चात आधे चावल डालकर उसके ऊपर एक परत और नीमकी पत्तियोंकी बिछाएं, बचे हुए चावल भी रख दें, उसके पश्चात ढक्कन लगानेसे पहले भी उपरी भागमें भी नीमकी पत्तियां रख दें ।
२. चावलके मध्यमें स्थान-स्थानपर समुद्री लवणकी (नमककी) डली रख दें । इससे वर्षभर चावल दूषित नहीं होंगे ।
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