फरवरी १२, २०१९
भारतीय जनता पार्टीसे एक व्यक्ति जुडा, तृणमूलके लोगोको वो पसंद नहीं आया । उसपर और उसके पितापर आक्रमण कर दिया गया, उसके पिताको तृणमूल कार्यालय ले जाया गया और मार दिया गया ।
यह घटना पश्चिम बंगालके मेदनीपुरकी है, जहांपर संजय पण्डितके पिता नन्द पण्डितको मार डाला गया और संजय पण्डित चिकित्सालयमें अधमरी स्थितिमें संघर्ष कर रहे हैं और ऐसा इसलिए हुआ; क्योंकि संजय पण्डित भाजपासे जुड गया था और इससे ममता बैनर्जीके स्थानीय नेता और कार्यकर्ता क्रोधित हो गए थे ।
घटनाक्रमके अनुसार रविवार, १० फरवरीकी रात्रि लगभग ११.३० बजे केशपुरके मुगबासन पंचायत क्षेत्रके कोनार गांवमें दो पक्षोंमें मारपीट आरम्भ हो गई । जिसमें नंद पण्डित (५२), उसका पुत्र संजय पण्डित व भाई अजीत पण्डित चोटिँ हो गया । मेदिनीपुर मेडिकल कॉलेज व चिकित्सालयमें प्रविष्ट कराए जानेपर नंद पण्डितकी मृत्यु हो गई, जबकि दो अन्यकी चिकित्सा आरम्भ कि गई । मारपीटका कारण पीडित परिवारके कुछ दिवस पूर्व भाजपासे जुडना बताया जा रहा है । भाजपाकी घाटाल संसदीय क्षेत्र समितिके अध्यक्ष जयंत मण्डलने कहा कि पण्डित परिवार कुछ दिवस पूर्व भाजपामें सम्मिलित हो गया था । नंदकी पत्नी पद्माने भी आरोप लगाया कि भाजपा समर्थक होनेके चलते गांवके कुछ लोग उन्हें उद्विग्न कर रहे थे । सरस्वती पूजाके उपलक्ष्यमें आयोजित संकीर्तनके समय टीएमसी समर्थकोंने परिवारके सदस्योंको पकडकर पीटना आरम्भ कर दिया । जिससे उनके पतिकी मृत्यु हो गई ।
उल्लेखनीय है इससे पूर्व भी बंगालमें कई बीजेपीके कार्यकर्ताओंको मारा जा चुका है और एक भी प्रकरणमें अबतक न्याय नहीं हुआ है । प्रत्येक प्रकरणमें तृणमूलके लोगोंपर ही आरोप है ।
“ममता बैनर्जीकी विचारधारा पूर्णतया राष्ट्रविरोधी हो चुकी है । वे खुलेमें ही रोहिंग्या आतंकियोंका समर्थन करती हैं । बांग्लादेशी मुसलमानोंको बंगालमें घुसाती हैं और फिर वहीं धर्मान्ध बंगालको न रहने योग्य स्थान बना देते हैं । इतना होनेपर भी अहंकार इतना अधिक है कि कार्यवाही करनेपर चेतावनी भी देती हैं ! ऐसेमें यदि केन्द्र चाहता है कि पश्चिमी बंगाल इस देशसे जुडकर रह पाए तो कुछ कडा पग उठाना होगा । आए दिन भाजपा कार्यकर्ताओं व नेताओंकी हत्याओंपर समाचार जगत भी मौन रहता है; क्योंकि मरनेवाले हिन्दू होते हैं ! यह सब प्रकरण लोगोंको भी भाजपासे दूर रखेंंगें और फिर एकप्रकारसे इस्लामिक राज्य आना निर्धारित है; अतः केन्द्र त्वरित इस राज्य शासनको निरस्तकर वहांके हिन्दुओंको मुक्ति दें !” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : दैनिक भारत & जागरण
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