अक्तूबर २५, २०१८
आजमगढमें रामलीलाके मंचपर बार बालाओंसे नृत्य करवानेका प्रकरण सामने आया है । आरोप है कि आयोजकोंने बार बालाओंके साथ हाथमें मद्यकी बोतल भी लहराई ! इस घटनाको लेकर स्थनीय लोगोंमें काफी रोष है । यह पूरा दृश्य आजमढ जशपदके फूलपुर तहसील क्षेत्रके माहुल पुलिस चैकीके निकटका है, जहां रामलीलाका आयोजन किया गया था और रामलीलाके मंचपर बार बालाएं नाचती हुई दिखी । इतना ही नहीं इस आयोजनमें सम्मिलित लोग हाथोंमें मद्यकी बोतल लेकर रामलीलाके मंचपर बार बालाओंके साथ नाच रहे थे !
वहीं इस प्रकरणपर बुद्धजीवियोंका कहना है कि यह हमारी धार्मिक परम्परा है और इसके माध्यमसे धर्मका प्रचार प्रसार होता है । इस प्रकारके मंचपर अधार्मिक कृत्य आयोजित होंगे वह भी सार्वजनिक रूपसे यह निन्दनीय है । इसपर वैधानिक कार्यवाही होनी चाहिए । उन्होंने कहा कि आयोजक बनानेसे पूर्व प्रशासनको चाहिए कि उनके चरित्रके बारेमें भी ज्ञात करें ।
“दक्षिण भारतमें आजभी यह नाट्यशैली गुरुपरम्परा अन्तर्गत एक पवित्र कर्म मान सिखाई जाती है और रामलीलामें वर्षोंसे प्रभु श्री रामजीके जीवनका नाट्यरुपान्तरण किया जाता रहा है, जिससे समाजके लोग धर्मके विषयमें शिक्षा ग्रहण कर सकें । क्या ऐसे पवित्र स्थानपर फुहड नृत्य कर अधर्म करने वालोंका अपराध क्षम्य है ? प्रशासन इसपर कडीसे कडी कार्यवाही करें, ऐसी सभी हिन्दुत्वनिष्ठोंकी मांग है ।” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : न्यूज १८
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