जिस ‘मस्जिद’से ‘पथराव’ होता है, उसपर ताला लगाएं !
१२ जून, २०२२
देशमें शुक्रवारकी ‘नमाज’के पश्चात हुए हिंसाचारपर काशी धर्मपरिषदद्वारा आयोजित बैठकमें कुल १६ सूत्र सम्मिलित किए गए । ये सूत्र देशके धर्माचार्य, राज्य शासन, तथा केन्द्र शासनको भेजे जाएंगे । इस प्रस्तावमें मुख्यतः नूपुर शर्मापर दुष्कर्म करनेका भयदर्शन देनेवालोंपर राष्ट्रीय सुरक्षा विधिके अन्तर्गत कार्यवाही की जाए, शुक्रवारके ‘नमाज’के पश्चात जिन ‘मस्जिदों’से ‘पथराव’ किया गया, उन सभीपर ताला लगाया जाए, ज्ञानवापीके प्रकरणमें विश्वको सत्य बतानेवाले मुसलमान शासकीय कर्मचारी बाबाको नित्य संरक्षण दिया जाए, आदि मांगे की गईं । ये मांगे पूर्ण नहीं हुई, तो नागा साधु मार्गपर उतरकर प्रदर्शन करेंगे, ऐसी चेतावनी भी दी गई ।
वाराणसीके सुदामा कुटीरमें पातापुरी मठके महन्त बालकदासकी अध्यक्षतामें काशी धर्मपरिषदकी बैठक आयोजित की गई थी । ‘नमाज’के पश्चात होनेवाले पथरावको इस बैठकमें ‘इस्लामी आतङ्कवाद’ कहकर सम्बोधित किया गया । जिस प्रकार मुसलमान जिहादी ‘नमाज’ पढनेके पश्चात मार्गपर उतरकर देशमें आग लगा रहे हैं, वह सन्त-समाज कदापि सहन नहीं करेगा, ऐसी चेतावनी भी दी गई ।
महन्त बालकदासने कहा कि देश जल रहा है, हमारे मन्दिर गिराए जा रहे हैं, साथ ही हमारे देवी-देवताओंका प्रतिदिन अपमान किया जा रहा है । हम जिहादियोंपर विधानी कार्यवाहीकी मांग कर रहे हैं । देशको जलनेसे रोकनेके लिए सन्त-समाज मार्गपर उतरेगा । हम सभी पन्थ, अखाडे तथा नागा साधुओंको एकत्रितकर बडा निर्णय लेंगे ।
सुदामा कुटीरके महन्त राघव दास, रामजानकी मठके बुलानाला महन्त अवधकिशोर दास, महन्त अवधेश दास, रामपंथके पंथाचार्य डॉ. राजीव, महन्त प्रमोददास, महन्त सत्यनारायण, नारायण दास, डॉ. श्रवण दास, महन्त रामेश्वर दास, महन्त रामशरण दास, महन्त सियाराम दास, कोतवाल मोहन दास, कोतवाल विजय दास, महन्त ईश्वर दास, महन्त सर्वेश्वर शरण दास, महन्त चन्द्रभूषण दास, महन्त वैभव गिरि, तांडव महाराज, रामेश्वर दास एवं महन्त श्रीराम दास ।
धर्म संसदके द्वारा की मांगे सर्वथा न्यायोचित हैं, उनका समर्थन किया जाना चाहिए । अब समय या गया है ‘संघे शक्ति कलौयुगे’को चरितार्थ करें और हिन्दू संगठित होकर और विधानके अन्तर्गत विरोध भी प्रविष्ट कराएं साथ ही शासन एवं प्रशासनको जिहादियोंके विरुद्ध कार्यवाहीके लिए बाध्य भी करें ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
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