जनवरी २७, २०१९
सामाजिक प्रसार माध्यमपर बांग्लादेशका अचम्भित करनेवाला वीडियो प्रसारित हो रहा हैं । बांग्लादेश कभी भारतका भाग था, कभी वहां भी गंगा-जमुना संस्कृतिकी बातें की जाती थी, धर्मनिरपेक्षताका बोलबाला था । इस वीडियोके अन्त में उसे ‘आमी हिन्दू ठेके मुसलमान होलम’ कहते हुए सुना जा सकता है, जिसका अथ है, ‘मैं हिन्दूसे मुसलमान बन गई हूं ।’ यद्यपि, यह वीडियो बांग्लादेशके किस भागका है, यह ज्ञात नहीं हो पाया है ।
बांग्लादेश एक मुस्लिम बाहुल्य देश है । बांग्लादेशमें हिन्दू समुदाय निरन्तर सिमटता जा रहा है । १९४७ में बांग्लादेशकी लगभग एक-तिहाई जनसंख्या हिन्दुओंकी थी; परन्तु २०१६ आते-आते देशकी कुल जनसंख्यामें उनका प्रतिशत ३३ से घटकर सात प्रतिशतके लगभग रह गया । यहां एक हिन्दू महिलाका अपहरण करके इस्लामिक कट्टरपन्थियोंने चाकूकी नोकपर उसे मुस्लिम बननेपर विवश किया । वीडियोमें इस्लामिक कट्टरपन्थी महिलाको कुरानकी आयतें और कलमा पढनेके लिए विवश कर रहे हैं । यह महिला जब कलमा और आयत पढनेसे मना करती है, तो इसकी गर्दनपर चाकू रखकर भयभीत किया जाता है ।
बांग्लादेशमें यह ऐसी प्रथम घटना नहीं है । बांग्लादेशमें बडे ही सुनियोजित ढंगसे हिन्दुओंका सफाया किया जा रहा है । खालिदा जिया और शेख हसीनाके शासनमें भी इसके विरुद्घ कोई ठोस पग नहीं उठाया गया । हिन्दुओंको पूर्ण रूपसे नष्ट करनेके लिए उनके बच्चों और महिलाओंको लक्ष्य बनाया जा रहा है । प्रतिदिन ही उनके गुम होनेके प्रकरण सामने आते हैं । समुदायकी सफाईमें जुटे धर्मान्धोंकी आशा है कि कोई हिन्दू जन्म न ले और नई पीढी भी समाप्त हो जाए । लगभग दो वर्ष पूर्व इस्लामिक आतंकियोंने यहां हिन्दुओंको कुरानकी आयतें न बतानेपर मार दिया था !
“बांग्लादेशकी स्थितिसे स्पष्ट है कि धर्मान्धोंकी संख्या जहां अल्प रहती है, वहां गंगा-जमुना संस्कृति, भाई-भाई, सर्वधर्मसमभाव आदि भारी शब्दोंसे अलंकृत किया जाता है और जहां धर्मान्ध अधिक हुए वहां हिन्दुओंका नरसंहार आरम्भ हो जाता है, महिलाओंका शीलहरण होता है । आजके तथाकथित मूढ हिन्दू जो यह कहते फिरते हैं कि अब मुसलमान उन क्रूर आतातायी मुगलोंसे भिन्न है, यह एक नवयुग है आदि-आदि, यह उनके लिए शिक्षा है ।”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : इपोस्टमोर्टम
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