मुसलमान चरमपन्थियोंने दुर्गा-प्रतिमा तोडी, इकबाल सहित दो बन्दी, बांग्लादेशमें मूर्ति तोडनेकी कई घटनाएं


१३ अक्टूबर, २०२१
      बांग्लादेशके चटगांवके फिरंगी बाजार क्षेत्रमें १० अक्टूबर २०२१, रविवारको मुसलमान चरमपन्थियोंने श्रीश्मशानेश्वर  शिव विग्रह मन्दिरकी दुर्गा-प्रतिमाको तोड दिया । बांग्लादेश हिन्दू एकता परिषदने घटनाकी जानकारी देते हुए ‘ट्वीट’ किया है।
      इस ‘ट्वीट’में उन्होंने क्षतिग्रस्त मूर्तिके छायाचित्रके साथ लिखा है, आक्रमण ‘सडक’पर उस समय हुआ जब चटगांवके कोतवालीमें पूजा-मण्डपमें मां दुर्गाकी मूर्तिको प्रवेश कराया जा रहा था। ‘पुलिस’ने एकको बन्दी बनाया है । चटगांवमें कोतवालीकी ‘सडकों’पर विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं ।
      जानकारीके अनुसार ‘पुलिस’ने ११ अक्टूबर २०२१, सोमवार सवेरे छापेमारीकर दुलाल आयु ३५ वर्ष, कबीर आयु ४२ वर्ष और इकबाल आयु ३२ वर्षको बन्दी बना लिया । तीनों आरोपित इसी क्षेत्रमें एक फलके गोदाममें कार्य करते थे । कोतवाली ‘थाना’ प्रभारी मोहम्मद नेजामउद्दीनने कहा, फिरंगी बाजार क्षेत्रमें मूर्ति तोडनेकी घटना हुई है । हम जांचके पश्चात पुष्टि करेंगे कि यह दुर्घटना थी या सुनियोजित घटना ।
      बांग्लादेशमें दुर्गा-मूर्तियोंके साथ तोडफोडका क्रम नौ दिवसीय नवरात्र उत्सवके आरम्भ होनेके पूर्व आरम्भ हो गया था । परिषदके एक अन्य ‘ट्विटर-पोस्ट’के अनुसार, सितम्बरमें कुश्तियामें दुर्गा-पूजाके लिए सज्ज की जा रही मूर्तिको तोडा गया था, मूर्तिके पूर्णतः सज्ज होनेसे पूर्व ही उसे तोड दिया गया । सङ्गठनने एक ‘ट्वीट’में कहा, प्रत्येक वर्षकी भांति बांग्लादेशी चरमपन्थियोंने मां दुर्गाकी मूर्ति तोडनी आरम्भ कर दी है । यह प्रत्येक वर्ष दुर्गा-पूजाके समय होता है ।
       देश हो या विदेश जिहादियोंकी मानसिकता प्रत्येक स्थानपर एक जैसी होती है । बांग्लादेशमें मूर्तियोंका तोडा जाना रुकनेका नाम नहीं ले रहा । विगत कालमें प्रधानमन्त्री मोदीजीकी बांग्लादेश यात्राके समय भी तोडफोड की गई थी । भारत शासनको चाहिए कि बांग्लादेशको कठोर सन्देश दे और वहां पूजास्थल एवं हिन्दुओंके जीवनको सुरक्षित करनेके लिए वहांके शासनको समुचित पग उठानेके लिए विवश करे ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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