प्रवर्तन निदेशालयने इस्लामिक संगठन ‘पीएफआई’के ३३ ‘बैंक’ खातोंको किया ‘फ्रीज’, ‘मनी लॉन्ड्री’के अन्तर्गत हुई कार्यवाही
कट्टरपन्थी इस्लामिक संगठन ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’के विरुद्ध प्रवर्तन निदेशालयने धन शोधन निवारण अधिनियम विधानके अन्तर्गत बडी कार्यवाही की है । जांच अभिकरणोंने इस्लामिक संगठनके ‘बैंक’ खातोंको ‘फ्रीज’ कर दिया है । ‘मीडिया’ प्रतिवेदनके अनुसार, जिन ‘अकाउंट्स’पर इस प्रकरण अन्तर्गत कार्यवाही की गई है । उनमें ‘पीएफआई’के २३ व इसीकी ‘फ्रंट ऑर्गेनाइजेशन’ ‘आरआईएफ’के १० ‘बैंक’ खाते हैं, जिनमें लगभग ६८,६२,०८१ रुपए हैं । गत माहके आरम्भमें भी प्रवर्तन निदेशालयने ‘पीएफआई’के दो नेता अब्दुल रजाक एवं अशरफ खातिरके विरुद्ध २२ करोडके ‘मनी लॉन्ड्रिंग’के प्रकरणमें अभियोजन प्रकरण प्रविष्ट किया गया था । वहीं दोनों आरोपी केरल स्थित ‘पीएफआई’के पदाधिकारी हैं । ‘चार्जशीट’के अनुसार, दोनों नेताओंने केरलके मुन्नारमें व्यापार आरम्भ किया था, जिससे विदेशोंसे होनेवाली ‘फंडिंग’के अवैध धनको वैध बनाकर इस्लामिक संगठनके कट्टरपन्थी गतिविधियों हेतु प्रयोग किया जाए । कहा यह भी जाता है कि दोनों पदाधिकारी आतङ्कवादी समूहके गठनमें भी सम्मिलित हैं तथा विदेशी संस्थाओंसे जुडे सदस्योंके साथ मुन्नारमें आवासीय परियोजना विकसित कर रहे थे, जिसका उद्देश्य भी काले धनको श्वेत करना था, जिससे चरमपन्थी गतिविधियांमें वृद्धि की जाए ।
केन्द्र शासनका यह निर्णय सराहनीय है; परन्तु ‘पीएफआई’पर पूर्ण प्रतिबन्ध लगना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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