पूर्व विधायक तथा ‘हिन्दू् इकोसिस्टम’के संस्थापक कपिल मिश्रका वक्तव्य, कहा, “देशके विभाजनका पुनः प्रयास किया गया, तो इससे पहले विभाजित क्षेत्रको पुनः अपने हाथमें ले लेंगे”


१ फरवरी, २०२२
मध्य प्रदेशके जबलपुरमें ‘हिन्दू् इकोसिस्टथम’के संस्थाहपक तथा पूर्व विधायक श्री. कपिल मिश्रने ऐसे विचार व्यक्त किए कि भारतमें हिन्दू बहुसंख्य तो हैं और वे धर्मान्तरण विरोधी विधान बनानेकी मांग कर रहे हैं । विश्विके किसी भी देशमें अल्पमसंख्यकोंको बहुसंख्यकोंसे धर्मपरिवर्तनका भय होता है; परन्तु भारतमें यह स्थिति उल्टी है । यहां अल्पसंख्य्क नहीं; अपितु बहुसंख्यक लोग अपने धर्मकी रक्षाके लिए धर्मान्तरण विरोधी विधानकी मांग कर रहे हैं । स्वतन्त्रतापूर्वके कालमें हुए ‘खिलाफत’ आन्दोलनमें १० सहस्र हिन्दुओंका नरसंहार हुआ; परन्तु हिन्दुओंका दुर्भाग्य  यह कि इस आन्दोलनमें सम्मिलित जिहादियोंको गत वर्षतक स्वंतन्त्रतासैनिकोंके रूपमें निवृत्तिवेतन दिया गया । इससे जिहादको ही स्वतन्त्रता संग्राम बनाया गया ।
देहलीके जामिया मिलिया इस्लातमिया विश्वविद्यालयकी भीतपर ‘खिलाफत २.०’ लिखा गया । इसका क्या अर्थ है ? क्या आपको पुनः ‘खिलाफत’ आन्दोलन चलाकर देशका विभाजन करना है ? इस देशमें पुनः विभाजनका प्रयास किया गया, तो स्मरण रखिए ! उस समय हिन्दू जनजागृति समिति, हिन्दू युवा परिषद जैसे संगठन नहीं थे और आजके जैसे तेजस्वी युवक भी नहीं थे । अब पुनः देशके टुकडे करनेका प्रयास किया गया, तो इससे पूर्व हमने जो क्षेत्र गंवाया है, उस क्षेत्रको इस देशके तेजस्वी युवक पुनः अपने हाथमें ले लेंगे । यहांके शहीद स्मारक गोलबाजारमें हिन्दू युवा परिषदकी ओरसे स्वामी विवेकानंदकी १५९ वीं जयन्तीके उपलक्ष्यमें आयोजित ‘युवा संवाद’ कार्यक्रमको सम्बोधित करते हुए वे ऐसा बोल रहे थे । ५०० युवकोंने इस कार्यक्रमका लाभ उठाया । इस अवसरपर व्यासपीठपर महामण्डलेश्वर स्वामी मुकुंददासजी महाराज, आर्य समाजके आचार्य धीरेंद्र, हिन्दू्जनजागृति समितिके मध्य प्रदेश एवं राजस्थान  राज्योंके समन्वुयक श्री. आनंद जाखोटिया, हिन्दू सेवा परिषदके प्रदेशाध्यक्ष श्री. अतुल जेसवानी, हिन्दू  सेवा परिषदके जिलाध्य्क्ष श्री. सौरभ जैन, प्रदेश महासचिव श्री. धर्मेंद्र ठाकुर और सूत्रसंचालक श्री. योगेंद्र त्रिपाठी उपस्थिात थे ।
वहां उपस्थित सन्तों और अन्य मान्यरवरोंद्वारा उद्बोधन किया गया ।
१. महामण्डलेश्वर स्वामी मुकुंददास, पीठाधीश्वर, गुप्तेाश्वर पीठ : हिन्दू आज जाग्रत हुआ है; परन्तु उसके लिए उसे उठकर कार्य करनेकी आवश्यवकता है । वह जब उठकर चलने लगेगा, तब उसे अपनी गति कितनी है ? उसे कितना बढाना पडेगा ? यह देखनेमें आ सकता है ।
२. श्री. अतुल जेसवानी, प्रदेशाध्याक्ष, हिन्दू सेवा परिषद : प्रत्येक संघर्षकी स्थिूतिमें संगठन हिन्दुओंके साथ ही है । प्रत्येरक हिन्दूको धर्मकार्यके लिए एकत्रित होना चाहिए ।
३. श्री. सौरभ जैन, जिलाध्यक्ष, हिन्दू सेवा परिषद : आजकी कठिन परिस्थितिमें प्रत्येक हिन्दूको सिद्ध रहना चाहिए ।
      कपिल मिश्रने जो वक्तव्य दिया है, वह पूर्वमें ही हमारे सन्तोंद्वारा समाजको बताया जा चुका है । अब यह पूर्वका भारत नहीं है, जो कुछ लोगोंके कहनेपर चले । अब हिन्दू जाग्रत हो रहा है और भारतको विश्व गुरु बनानेसे पूर्व रुकनेवाला नहीं है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 


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