देशमें भाजपा विधायकोंको धमकी दिए जाने के प्रकरणमें गंभीर खुलासा हुआ है। एसटीएफकी जांचमें पता चला है कि भाजपा विधायकोंको पाकिस्तानमें बैठे दाऊद इब्राइिमका भेदी धमकियां दे रहा है। मंगलवारको ११ विधायकोंको धमकी दिए जाने के बाद बुधवारको भी धमिकयां देनेका क्रम जारी रहा। बुधवारको ११ और विधायकोंको रंगदारी देनेके लिए धमकाया गया। डीजीपीने सभी जिलोंके एसपी व डीएमको सावधान किया है।
अब तक २२ विधायकों, रामपुरके एक पूर्व मंत्री और तीन पदाधिकारियोंको रंगदारी देनेके लिए धमकी मिल चुकी है। बुधवारको जिन्हें धमकियां मिलीं, उनमें प्रमुख रूपसे कुशीनगरके विधायक रजनीकांत मणि त्रिपाठी, सिद्धार्थनगर इटवाके सतीश द्विवेदी, हरदोईके गोपामऊसे भाजपा विधायक श्याम प्रकाश, जालौनके कालपीसे भाजपा विधायक नरेंद्र पाल सिंह, सरेनी रायबरेलीके धीरेंद्र बहादुर सिंह व तिंदवारी बांदाके विधायक ब्रजेश प्रजापति, जालौनकी माधौगढ सीटसे भाजपा विधायक मूलचंद निरंजन, कुर्सीसे भाजपा विधायक साकेन्द्र वर्मा, अलीगंज, एटाके सत्यपाल सिंह राठौर, लखनऊ पश्चिम क्षेत्रके भाजपा विधायक सुरेश श्रीवास्तव, हरदोईके बालामऊसे भाजपा विधायक रामपाल वर्मा तथा रामपुरके भाजपा नेता व पूर्व मंत्री शिव बहादुर सक्सेनाके नाम हैं। एसटीएफके एसएसपी अमिताभ यशने बताया कि उत्तरप्रदेश ही नहीं, ऐसी धमकियां राजस्थानमें भी कुछ को दी गई हैं। इस प्रकरणमें उत्तरप्रदेश पुलिसने अब तक १२ अभियोग प्रविष्ट किए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथने धमकी दिए जाने के इस प्रकरणको गंभीरतासे लेते हुए प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार और डीजीपीको शीघ्रता से प्रकरणको उद्घाटित करने के निर्देश दिए हैं और साथ ही कहा है कि दोषियोंके विरुद्ध त्वरित व सख्त कार्रवाई करे। इसीके बाद तत्काल डीजीपी ओपी सिंहने प्रकरणकी जांचके लिए आईजी एसटीएफ अमिताभ यशके नेतृत्वमें एसआईटी गठित कर दी है। आयोगका नेतृत्व एडीजी कानून-व्यवस्था आनंद कुमार करेंगे। आयोगमें एसएसपी एटीएस जोगेंद्र सिंह और एसटीएफके एएसपी अरविंद चतुर्वेदीको सम्मिलित किया गया है।
धमकियों बुधवारको भी जारी रहने के कारण उत्तरप्रदेश पुलिसने आईबी, रॉ और एनआईएसे संपर्क किया है। तकनीकी सहायता देनेके लिए भारत सरकारके सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालयके दलको भी लगाया गया है। प्रारंभिक जांचमें यह पता नहीं चल सका है कि क्या किसी विशेष कारणसे धमकियां दी गई या यह सुरक्षा अभिकरणको( एजेंसियों) परेशान करनेका षडयंत्र है।
प्रारंभिक जांचमें एसटीएफने बताया है कि धमकी जिस नंबरसे दी जा रही है वह अमेरिकाके टैक्सासका नंबर है। इसे किसी आईटी विशेषज्ञन आभासी (वर्चुअल) नंबरके रूपमें तैयार किया है और पाकिस्तानकी आईपीके(इंटरनेट प्रोवाइडर) सर्वरका प्रयोग किया जा रहा है। सुरक्षा अभिकरणको इस बात पर आश्चर्य है कि कुछ विधायकोंको मुंबईमें भाडे पर हुई एक हत्याके नाम पर डराया भी जा रहा है। उत्तरप्रदेशके एडीजी कानून-व्यवस्था आनंद कुमारने बताया कि विधायकोंको धमकी दिए जानेका प्रकरण बडा षडयंत्र प्रतीत होता है। जिस आईडीसे व्हाट्सएप किया जा रहा है, वह दाऊदके भेदी अली बुदेश बाबाकी है। वह दाऊदके लिए काम करता रहा है और पाकिस्तानमें है। सूत्रोंने बताया कि इस संबंधमें केंद्रीय गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालयको भी जानकारी भेज दी गई है।
लखनऊ पश्चिम क्षेत्रके भाजपा विधायक सुरेश श्रीवास्तवने देर रात सआदतगंज कोतवाली और हरदोईके बालामऊसे भाजपा विधायक रामपाल वर्माने मडियांव थानेमें एफआईआर की है।
धमकियां मिलनेके बाद भाजपा विधायक प्रमुख गृह सचिव से निरंतर शिकायत कर रहे हैं। बुधवारको भी दो विधायक ब्रजेश प्रजापति और धीरेंद्र बहादुर सिंहने प्रमुख सचिव गृहसे मिलकर पूरा प्रकरण बताया। प्रमुख सचिवने उनकी शिकायतें डीजीपी ओपी सिंहके पास भेज दी हैं। साथ ही विश्वास दिलाया है कि जिलोंके एसपी व डीएम उनकी सुरक्षाका पूरा ध्यान रखेंगे।
रामपुरमें भाजपा नेता एवं पूर्व मंत्री शिव बहादुर सक्सेनाको भी धमकी मिली है। उन्हें धमकी व्हाट्सएपपर १९ मई को ११:५५ पर मिली।
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