“मेरा कोई धर्म नहीं है”, ऐसा लिखकर देनेवाली, जन्मसे मुसलमान नर्तकीको मन्दिरमें भरतनाट्यम नृत्य करनेकी अनुमति नहीं !
३१ मार्च, २०२२
भरतनाट्यम नृत्याङ्गना मानसिया वी. पी. को केरलके त्रिशूर जनपदके इरिंजलकुडाके कूडल मणिक्यम् मन्दिरके एक कार्यक्रमसे इस आधारपर बहिष्कृत कर दिया गया था कि वह हिन्दू नहीं हैं । वास्तवमें मानसिया एक मुसलमान है । जैसे ही उन्होंने भरतनाट्यम सीखा, उन्हें अपने समुदायमें ‘इस्लामी मौलियों’के क्रोध और बहिष्कारका सामना करना पडा । एक दैनिकद्वारा कुडल मणिक्यम् देवस्वम (मन्दिर) मण्डलके अध्यक्ष प्रदीप मेननने सम्पर्क किए जानेपर सूचित करते हुए कहा, “वर्तमान मन्दिर परम्पराके अनुसार, मन्दिर परिसरमें केवल हिन्दू ही पूजा कर सकते हैं । मन्दिर प्रबन्धनद्वारा आयोजित महोत्सवके कार्यक्रमोंमें लगभग ८०० कलाकार विभिन्न कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे । कार्यक्रम नियमोंके अनुसार, कलाकारोंसे पूछा जाता है कि वे हिन्दू हैं या नहीं ? मानसियाने लिखा था कि उनका कोई धर्म नहीं है; इसलिए उन्हें प्रस्तुतिकी अनुमति नहीं दी गई । हमने मन्दिरमें वर्तमान परम्पराके अनुसार, उसके मना करनेकी सूचना दी है ।”
मन्दिर प्रशासनका निर्णय योग्य है । यदि नर्तकीको प्रस्तुति देना है तो वह हिन्दू धर्म स्वीकार करे ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
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