हिन्दुओ ! वार्तालाप करते समय शुद्ध हिन्दी शब्दोंका प्रयोग कर, अपनी वाणीको सात्त्विक बनाएं एवं अन्योंको भी ऐसा करने हेतु प्रेरित करें ! वाणीके सात्त्विक होनेसे उसमें चैतन्यके (ईश्वरीय शक्तिके) प्रवाहमें वृद्धि होती है जिससे सुननेवालेपर भी अच्छा प्रभाव पडता है – तनुजा ठाकुर
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