बिहारके गयामें पिण्ड देनेवाले श्रद्धालुओंसे नगर निगम अर्जित कर रहा शुल्क


०२ जनवरी, २०२१
      बिहारका गया जनपद हिन्दू धर्मका पवित्र तीर्थ है । यहांं मृत्युके पश्चात लोगोंका पिण्डदान किया जाता है; किन्तु यहांंके दो प्रमुख पिण्ड वेदियों सीता कुण्ड और अक्षय वटमें आगन्तुकोंके प्रवेशपर ‘टिकट’के माध्यमसे ‘वसूली’ की जा रही है, जिसको लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है । पण्डा समाजने नगर निगमको वे पिण्ड वेदियोंको धनार्जनका स्रोत नहीं बनानेकी चेतावनी देते हुए तत्काल प्रभावसे अपने निर्णयको लौटा लेनेकी मांंग की है । निगमकी अनुचित ‘वसूली’से पिण्डदान करने आनेवाले लोगोंमें असन्तोष है । पिण्डदानके लिए आनेवाले लोगोंसे १० रुपएका लेनेके आदेश हैं ।
       हिन्दुओंंके आस्थास्थलोंके अनुरक्षणके (रखरखावके) नामपर गया नगर निगमकी मनमानी ‘वसूली’ अनुचित है । हिन्दू समाज अपने आस्थास्थलोंको धर्म शिक्षण व प्रशिक्षण केन्द्र बनाने, समाजको योग्य साधना सीखनेका स्थल बनाने व उत्तम रूपसे अनुरक्षणका दायित्व उठाए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।

विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution