गृहबन्दीमें में ईदपर छूट, मद्य हो रहा है विक्रय; किन्तु छठपर केजरीवालकी ओरसे पूर्ण प्रतिबन्ध 


११ अक्टूबर, २०२१
          सांसद मनोज तिवारीने घोषणा की है कि छठ पूजा प्रतिबन्धित करनेके, केजरीवाल शासनके ‘तुगलकी फरमान’के विरुद्ध ‘भाजपा’ मंगलवार १२ अक्टूबर २०२१ को एक प्रचण्ड प्रदर्शन करेगी । उन्होंने कहा, “इस वर्ष, जब सब कुछ सामान्य गतिसे चल रहा है, यहांतक कि देहलीमें मद्यके विक्रयस्थल भी खोल दिए गए हैं और वे भी किसी नियमके बिना;  किन्तु छठ मांकी पूजा, जो कि नवम्बर माहमें है, उसको रोकनेका निर्णय डेढ माह पूर्व ही ले लिया गया, ये बहुत लज्जाजनक है ।” ‘भाजपा’के प्रदेश अध्यक्ष आदेश कुमार गुप्ताने कहा कि देहलीमें लाखोंकी सङ्ख्यामें पूर्वांचलके लोग रहते हैं और छठ महापर्व मनाते हैं, ऐसेमें केजरीवाल शासन छठ मनानेकी अनुमति दे । उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमन्त्री अरविन्द केजरीवालने पूर्वांचलके लोगोंकी आस्थाको ठेस पहुंचानेका कार्य किया है । उन्होंने याद दिलाया कि ‘सीएम’ केजरीवालने कहा था कि उत्तर प्रदेश एवं बिहारके लोग ५०० रुपएका ‘टिकट’ लेकर आते हैं और यहां ५ लाख रुपएकी चिकित्सा निःशुल्क करवाकर चले जाते हैं । आदेश गुप्ताने इसे पूर्वांचलके लोगोंका बहुत बडा अपमान बताया । उन्होंने कहा, “भाजपा घोषणा करती है कि हम छठ पूजा मनाएंगे और छठ पूजाके लिए जो भी निगमकी ओरसे व्यवस्थाएं होंगी, वे भी हम पूर्ण करेंगे । भाजपाके कार्यकर्ता ये सुनिश्चित करेंगे कि छठ महापर्व ‘कोरोना’ महामारीके नियमोंका पालन करते हुए बडी धूमधामसे मनाया जाए ।” आदेश गुप्ताने कहा कि वास्तविकतामें देहली शासन छठकी व्यवस्था नहीं कर सकती, इसलिए उसपर प्रतिबन्ध लगाकर अपना ‘निकम्मापन’ दिखा रही है । वहीं सांसद परवेश साहिब सिंह वर्माने कहा, “केजरीवालने पूर्ण देहली खोल रखी है; किन्तु छठ पूजापर अकस्मात ‘तालिबानी’ घोषणा सुनाकर हिन्दुओंके प्रति घृणा दिखा रही है ।”
       केजरीवालकी ओरसे हिन्दू धर्मके प्रति घृणा, प्रथम बार नहीं हुई है । वह तो उसके, सत्तामें आते ही आरम्भ हो गई थी; क्योंकि सत्ताके लिए, तुष्टीकरण ही उसका शस्त्र है । ऐसे सत्ताधारीको अपदस्थ किया जाना ही, राजधानीवासियोंके हितमें होगा । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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