पहले गायक अभिजीत सिंह, सोनू निगम अब शान ? क्या कारण है कि चलचित्र जगतमें जिहदियोंके विरुद्ध उठी आवाजोंमें गायक सबसे आगे हैं ? गत कुछ वर्षोंसे जिसप्रकार बॉलीवुडको खानवुड बनानेका षडयन्त्र हुआ, तदोपरान्त पाकिस्तानी नटोंको घुसानेका प्रयास हुआ, उसकी सडसे अधिक हानि हान्दू गायकोंको हो रही है । इस बारेमें एक बडे निर्देशकका मानना है कि एक षडयन्त्रके अन्तर्गत हिन्दू गायकोंको द्वितीय श्रेणीका नागरिक बनानेका प्रयास हो रहा है । उनका कहना है कि शिवसेना और ‘एमएनएस’ सदृश संगठन न होते तो ये कार्य अब तक पूर्ण हो चूका होता !!
अब तक कुमार शानू, उदित नारायण, सोनू निगम, सुखविन्दर सिंह जैसे गायक एक ओर किए जा चुके हैं ! इन्हें बडे चलचित्रोंका कोई गाना नहीं मिलता है ! सभी खान भी एकप्रकारसे इन्हें प्रतिबन्धित कर रहे हैं ! अरिजीत, मोहित चौहान और अंकित तिवारी अभी भी मैदानमें डटे हैं, परन्तु धीरे-धीरे इनका पत्ता कटना भी तय है । कुछको निर्माताओंसे सम्बन्धके कारण कुछ गाने मिले तो मिले, अन्यथा इनके स्थानपर राहत अली, आतिफ असलम, अली जाफर जैसे नाम घुसाए जाते हैं ।
अपनी अच्छी आवाजके कारण प्रसिद्ध गायक अरिजीतके साथ तो सलमान खानने ऐसा व्यवहार किया, जिसे भूला नहीं जा सकता है । सलमानने बिना कारण उनका गाना ‘जग घूमया’को सुल्तान चलचित्रसे निकलवा दिया और बादमें राहत फतेह अली खानसे गवाया । सलमान खानने अरिजीत सिंहको प्रतिबन्धित कर दिया । अधिकतर गायकोंको अपमान और बडे कलाकारोंके नखरे सहकर काम करना पड रहा है ।
इसके बारेमें जिससे भी बात की, उसीने यही कहा कि गायकोंको सदैव सम्मान दिया जाता रहा है । गाने प्रसिद्ध होते तो इसका श्रेय गायकको मिलता, इसकारण मुसलमान अभिनेताओंकी आंखोंमें गायक खटकने लगे । एक चलचित्र निर्माताने कहा कि दाऊदका दबाव एक सत्य है । पाकिस्तानके गायकोंको दाऊदका आशीर्वाद मिला हुआ है । महिला गायकोंकी स्थिति तो और विकट है, उन्हें ‘यूज एण्ड थ्रो’की भांति प्रयोग किया गया है । यही कारण है कि सभी गायक चलचित्र जगतके इस्लामीकरणसे भडके हुए हैं ।
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