दिसम्बर ३, २०१८
उत्तर प्रदेशके जनपद बुलंदशहरके जौनपुर गांवमें साम्प्रदायिक सौहार्दका उदाहरण प्रस्तुत किया गया । दरियापुरमें चल रहे इज्तेमामें आ रहे मुस्लिम जाममें फंस गए तो ग्रामीणोंने प्राचीन शिव मंदिर परिसरमें जोहरकी नमाज करानेकी व्यवस्था कराई । नमाजके मध्य कोई परेशानी न हो, इसके लिए उनका पूरा ध्यान रखा गया ।
बता दें दरियापुरमें तीन दिवसीय ‘आलमी तब्लीगी इज्तेमा’ चल रहा है, जिसमें प्रदेशके विभिन्न जनपदसे सम्मिलित होनेके लिए सहस्रोंकी संख्यामें लोग पहुंच रहे हैं । रविवार, २ दिसम्बरको मेरठ-हापुडकी ओरसे काफी लोग आ रहे थे । इस मध्य कोतवाली देहात क्षेत्रके गांव जैनपुरके पास जाममें काफी लोग फंसे हुए थे और उसी मध्य जोहरकी नमाजका समय हो गया ।
बताया गया कि इस मध्य कुछ लोगोंने सडक स्थित शिव मंदिरके बाहर नमाज पढना आरम्भ कर दिया । जब ग्रामीणोंने लोगोंको सडकपर नमाज करते देखा तो उन्हें प्राचीन शिव मंदिरके प्रांगणमें नमाज पढनेके लिए कहा, जिसके पश्चात लखभग १५० मुसलमानोंने मंदिर प्रांगणमें जोहरकी नमाज पढी । नमाजके पश्चात मुस्लिमोंको जलपानके पश्चात रवाना किया गया । इसपर जौनपुर गांवके लोगोंका कहना है कि हिन्दू-मुस्लिम हमारी सोचका अन्तर है ।
“इसी भिन्न सोचके साथ नगरके जिन हिन्दुओंने एकपक्षीय सौहार्दका उदाहरण देते हुए देवालयमें सभी मांसाहार करने वालोंको नमाज पढवाई है, उसी सौहार्दके साथ वे मस्जिदोंमें भजन-कीर्तन कर सकेंगें क्या ?, इसपर अवश्य विचार करें !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : न्यूज २४
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