देशसे ५ करोड घुसपैठियोंको निकालनेकी मांग करनेवाली एक याचिका सर्वोच्च न्यायालयमें ५ वर्ष से लम्बित
२२ अप्रैल, २०२२
अधिवक्ता श्री. अश्विनी उपाध्यायने एक ‘ट्विट’के माध्यमसे लिखा है कि देशसे ५ करोड घुसपैठियोंको निकालनेकी मांगवाली एक याचिका सर्वोच्च न्यायालयमें २०१७ से लम्बित है । न्यायालयने केन्द्रीय गृह मन्त्रालय और देशके सभी राज्योंके मुख्य सचिवोंको ‘नोटिस’ प्रस्तुतकर याचिकापर उत्तर मांगा था; किन्तु अभीतक कोई उत्तर नहीं मिला है । यह तथ्य कटु है; परन्तु शत-प्रतिशत सत्य है ।
देशके लिए लज्जास्पद है कि देशसे करोडों घुसपैठियोंको बाहर निकालनेकी मांगके लिए एक याचिका प्रविष्ट करनी पडती है । सर्वोच्च न्यायालयद्वारा प्रशासनको ‘नोटिस’ प्रस्तुत करनेपर भी कोई उत्तर न दिया जाना, यह गम्भीर है । यह केवल इस याचिकाके सन्दर्भमें नहीं; अपितु असंख्य याचिकाओंके सन्दर्भमें भी दिखाई देता है । इससे प्रशासनिक अधिकारियोंकी दृष्टिसे सर्वोच्च न्यायालयका क्या मूल्य है ? यही रेखांकित होता है । अब न्यायालयको स्वयं ऐसे प्रशासनिक अधिकारियोंके विरुद्ध कठोर कार्यवाही करनेकी आवश्यकता है । राष्ट्रीय सुरक्षाके ऐसे संवेदनशील विषयपर प्रशासनका मौन अस्वीकार्य है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
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