धार्मिक कृतियां

स्त्रियां श्मशानमें क्यों न जाएं ?


पुरुषोंकी तुलनामें स्त्रियोंमें मूलत: ही रजोगुणकी मात्रा अधिक रहती है । रजोगुणके कारण स्त्रियोंमें भावनाएं भी पुरुषोंकी तुलनामें अधिक होती हैं । श्मशानमें वे कष्टदायक स्पंदनोंसे पीडित अथवा बाधित हो सकती हैं । इसलिए स्त्रियां मृत्योत्तर क्रियाकर्म भी न करें । courtesy : www.hindujagruti.org

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वयोवृद्धोंको नमस्कार क्यों करना चाहिए ?


घरके वयोवृद्धोंको झुककर लीनभावसे नमस्कार करनेका अर्थ है, एक प्रकारसे उनमें विद्यमान देवत्वकी शरण जाना । वयोवृद्धोंके माध्यमसे, जीवको आवश्यक देवताका तत्त्व ब्रह्मांडसे मिलता है । उनसे प्राप्त सात्त्विक तरंगोंके बलपर, कष्टदायक स्पंदनोंसे अपना रक्षण करना चाहिए । इष्ट देवताका स्मरण कर की गई आशीर्वादात्मक कृतिसे दोनों जीवोंमें ईश्वरीय गुणोंका संचय सरल होता है । […]

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जब गुरु घरपर आयें तो क्या करना चाहिए ?


१. गुरुके आगमन के पूर्व घरकी सजावट फूल, बंदनवार, दीपोंकी माला (तेल या घीके दीपक हों; मोमबत्ती जलाने से बचें, क्योंकि मोमबत्ती तमोगुणी होती है) और रंगोलीसे करनी चाहिए | हमें संत तुकारामके शब्द सदैव याद रखने चाहियें, “जिस दिन घरमें संतका पदार्पण होता है, वह दिन स्वयंमें ही दीवाली या दशहरा होता है |” […]

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हिंदु राष्ट्र स्थापनाका अर्थ


हिंदु राष्ट्र स्थापनाका अर्थ ‘हिंदु राष्ट्र स्थापनाका अर्थ यही है कि, ‘सबको साधनाके मूलतत्त्व सिखाकर धर्माचरण करवाना । तदुपरांत उन्हें कालानुरूप साधनाका नाममंत्र देकर, खरे अर्थोंमें धर्मराज्य स्थापित कर, ईश्वरकी कृपासे धर्मरूपी तत्त्वका लाभ प्रदान करना ।’ संदर्भ : मासिक हिन्दी सनातन प्रभात

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समस्याओं का मूल कारण धर्मग्लानि और उपाय मात्र धर्म संस्थापना है !


मेरे कुछ मित्र कहते हैं कि बेरोजगारी दूर करने के लिए हमारे साथ मिलकर कार्य कीजिये , तो कुछ कहते अशिक्षा दूर करने हेतु मेरे संग प्रयास कीजिये , तो कुछ कहते कन्या भ्रूण हत्या दूर करने हेतु हमारे संग जुड़े , तो कुछ कहते हैं भ्रष्टाचार दूर करने हेतु हमारा साथ दें , परन्तु […]

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