हिन्दुओ ! हम आपके समक्ष कुछ दिवसोंसे हिन्दी समाचार पत्रों या जालस्थानोंके सामयिक समाचारके अंशकी कुछ पंक्तियां प्रस्तुत कर रहे हैं और इस माध्यमसे यह बतानेका प्रयास कर रहे हैं कि आप स्वयं देखें कि इन सभी ‘बुद्धिजीवी पत्रकारों’ने किसप्रकार भारतमें हिन्दी भाषाके ‘विकृतिकरण’का उत्तरदायित्व ले रखा है । आपसे अनुरोध है कि आप संस्कृतनिष्ठ […]
इसका उत्तर इस प्रकार है : यदि हमने अत्यधिक श्रमकर कोई घर बनाया हो और जाने-अनजाने कोई अवांछित व्यक्ति हमारे घर घुस आए और वह वहां अपना अधिकार प्रदर्शित करे, तो क्या उस सम्बन्धमें भी हम ऐसा ही दृष्टिकोण रखेंगे ?, नहीं न ? अपितु हम हरसम्भव प्रयासकर उस व्यक्तिको अपने घरसे निकालेंगे, उसीप्रकार स्वभाषाभिमान […]
आजकलके समाचार वाहिनियोंमें हिन्दी भाषामें समाचार सुनते समय, भाषामें उर्दू शब्दके प्रयोगकी प्रचुरतासे लगता है, जैसे वह भारतके हिन्दू बहुल देशसे नहीं अपितु किसी मुसलमानी देशसे प्रसारित हो रही हो । हन्दी भाषाकी सात्त्विकताका हरण करनेमें इस देशके प्रत्येक क्षेत्रके व्यक्तिने अपनी भूमिका निभाई है और सबसे क्षोभका विषय यह है कि हिन्दी भाषाके शुद्धिकरण […]
९५ कोटि हिन्दुओंवाले इस देशकी विडम्बना तो देखें कि आज अधिकांश हिन्दुओंकी सन्तानोंको हिन्दीके अंक भी गिनने, लिखने और पढने नहीं आते हैं ! एक दिवस मैं अपने अनुजके घर गयी थी, वहां गृहकार्य करनेवाले एक व्यक्तिको कुछ वस्तु लाने हेतु एक सूची बनाने हेतु कहा तो उसने कहा “मैं अनपढ हूं, लिख नहीं सकता […]
संस्कृतमें कारकचिन्हको धातुसे जोडा जाता है | संस्कृत भाषामें सर्वाधिक चैतन्य है, इसलिए आजके आधुनिक विज्ञानने इसका उपयोग करना आरम्भ कर दिया है और इस भाषाकी वैज्ञानिकता एवं गरिमाको तो आज नासाके वैज्ञानिक भी मान्य करने लगे हैं एवं वैज्ञानिकोंको वहां संस्कृत सिखाई जाती है । इस भाषाके निकट जो भी भाषा होगी, वह चैतन्यमय […]