शरियामें परिवर्तन सम्भव नहीं, समान नागरिक संहिताके विरोधमें देवबंदके ‘मौलवियों’की बैठक
२९ मई, २०२२
‘पी.एफ.आई’की ‘रैली’के पश्चात अब उत्तर प्रदेशके देवबंदसे ‘जमीयत उलेमा ए हिन्द’ने दो दिवसीय बैठक की । इसमें प्रमुख रूपसे ज्ञानवापी विवादित ढांंचे, मथुराके ‘शाही ईदगाह’ और ‘कुतुबमीनार’पर प्रतिवादका ‘मुद्दा’ ‘जोर-शोर’से उठाया गया । रविवार २९ मई २०२२ को समान नागरिक संहिता समेत कई ‘मुद्दों’पर महत्त्वपूर्ण प्रस्तावोंको पारित किया गया । ‘मौलवियों’ने एक सुरमें इसका विरोध किया और कहा कि वे अपने ‘शरिया लॉ’ में किसी भी प्रकारका परिवर्तन नहीं मानेंगे ।
उल्लेखनीय है कि इस्लामिक संगठन ‘जमीयत उलेमा ए हिन्द’ने इस वर्ष २०२२-२३ के लिए १३.३५७ कोटि रुपएका ‘बजट’ प्रस्तुत किया है । इसे ‘इस्लामिक’ शिक्षा और उसके प्रचार-प्रसारपर व्यय किया जाएगा ।
शरियामें परिवर्तन भी सम्भव है और इसके माननेवालोंमें भी ! केवल हिन्दुओंको अपने क्षात्रतेजको जगाना होगा । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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