१९९६ के चारा घोटालाके ५ वें प्रकरणमे लालू प्रसाद यादव दोषी
१६ फरवरी, २०२२
केन्द्रीय जांच ब्यूरोके विशेष न्यायालयने बिहारके चारा घोटालेके ५ वे प्रकरणमें अर्थात ‘डोरंडा ट्रेजरी’से (डोरंडा तिजोरीसे) अनधिकृत पद्धतिसे १३९ करोड ५० लाख रुपए निकाले जानेकी घटनामें बिहारके तत्कालीन मुख्यमन्त्री लालू प्रसाद यादवको दोषी ठहराया है । इस घटनामें लालू प्रसाद यादवको कितने वर्षोंका कारावास होगा या उन्हेंं प्रतिभूति प्राप्त होगी अथवा नहींं ? इसका निर्णय २१ फरवरीको होगा, ऐसा कहा जा रहा है । इस घटनामेंं अन्य २४ आरोपियोंकी मुक्त किया गया है और ३४ लोगोंको ३ वर्षोंका कारावास सुनाया गया है । लालू प्रसाद यादवके साथ ४१ दोषियोंको दण्ड दिया जाएगा ।
चारा घोटालाके कुल ५ प्रकरणोंमेंं लालू प्रसाद यादवको आरोपी बनाया गया था । इससे पूर्व ४ प्रकरणोंका निर्णय देकर न्यायालयने सभी प्रकरणोंमें उन्हें दोषी ठहराकर दण्ड दिया है । अब दिया गया निर्णय ५ वें प्रकरणका है । यह घोटाला १३९ करोड ५० लाख रुपयोंका है । वर्ष १९९६ मेंं प्रविष्ट किए गए इस अपराध मेंं १७० जन आरोपी थे । इनमेंं से ५५ की मृत्यु हो चुकी है, जबकि ७ आरोपियोंको ‘सीबीआई’’ने शासकीय साक्षी बनाया है ।
‘न्यायमें विलम्ब, न्यायसे वंचित रखना है ।’ २६ वर्षोंके पश्चात यदि आरोपीको दोषी ठहराया जा रहा हो, तो क्या इसे न्याय कहा जा सकता है ? – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
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