अगस्त ५, २०१८
राजस्थानके पश्चात अब छत्तीसगढकी गौशालामें गायोंके मृत होनेका समाचार आया है । छत्तीसगढके बलौदाबाजारमें एक ग्राम पंचायतकी गौशालामें गत कुछ दिवसमें घुटनसे ‘कम से कम’ १८ गायें मर गई !
बलौदाबाजारके जिलाधिकारी जनक प्रसाद पाठकने बताया कि तीन अगस्तको रोहासी गांवसे १८ मृत गौ मिलीं ! उन्होंने बताया कि यह घटना तब सामने आई, जब स्थानीय अधिकारियोंको सूचना मिली कि मृत गायें गांवमें दबानेके लिए ले जायी जा रही हैं । उन्होंने कहा, ”प्राथमिक जांचसे उजागर हुआ है कि ये गौ कुछ दिवससे कक्षमें बन्द थीं और घुटनसे मर गई !
पाठकके अनुसार ग्रामीण अपने खेतोंमें निराश्रित मवेशियोंद्वारा कृषि उपजको हानि पहुंचाए जाने से परेशान थे । आपसमें चर्चा करनेके बाद उन्होंने गायों और भैंसों सहित इन निराश्रित मवेशियोंको पकडकर उन्हें गांवमें एक गौशालाके एक कक्षमें बन्द कर दिया और अन्य मवेशियोंको परिसरमें बाहर खुलेमें खूंटेसे बांध दिया ।
उन्होंने बताया कि जब कोई व्यक्ति इन मवेशियोंपर दावा करने नहीं पहुंचा, तब ग्रामीणेंको उनके लिए चारा-पानीकी व्यवस्था मुश्किल लगने लगी । ऐसेमें उन्होंने बाहरके मवेशी खोल दिए; लेकिन कक्षके अन्दर बन्द मवेशियोंपर उनका ध्यान कथित रुपसे नहीं गया । जब वहांसे तीन अगस्तको दुर्गन्ध आने लगी, तब उन्होंने जाकर देखा और उन्हें अन्दर मृत जानवर मिले !
जिलाधिकारीके अनुसार जब गांववाले उन्हें निपटानके लिए ले जा रहे थे, तब किसीने स्थानीय अधिकारियोंको इसकी सूचना दे दी । अन्त्यपरीक्षणके पश्चात सभी मृत मवेशी गांवमें एक गहरे गड्ढेंमें दबा दिया । इस बातका उपाय किए गए कि इस घटनाके चलते कोई महामारी न फैले ।
पाठकने कहा, ”मवेश चार दिनोंतक एक कक्षमें बन्द रहे और उसमें १८ मवेशियोंको रखनेके लिए पर्याप्त स्थान भी नहीं था । अतएव, वे दम घुटनेसे मर गए । उन्होंने कहा कि इस घटनाकी जांचका आदेश दिया गया है और तदानुसार आगेकी कार्यवाहीकी जाएगी ।
गत वर्ष छत्तीसगढके रमन सिंह शासन शासकीय सहायता प्राप्त तीन गौशालाओंमें बडी संख्यामें गायोंकी मृत्युको लेकर विपक्षी कांग्रेसके लक्ष्यपर आई थी ।
स्रोत : लाइव हिन्दुस्तान
Leave a Reply