‘द कश्मीर फाइल्समें निर्देशकने केवल भाषण दिया है’, चलचित्र (फिल्म) देख छत्तीसगढके मुख्यमन्त्री भूपेश बघेलने कश्मीरी पण्डितोंके घावोंपर रगडा ‘नमक’
१७ मार्च, २०२२
छत्तीसगढके मुख्यमन्त्री भूपेश बघेलने ‘द कश्मीर फाइल्स’ चलचित्र देखनेके पश्चात ‘भाजपा’पर लक्ष्य साधा है । उन्होंने चलचित्रको अर्धसत्य बताते हुए शासनपर धारा ३७० हटाकर राजनीति करनेका आरोप लगाया है । बघेलने चलचित्रको २०२४ की सिद्धता बताते हुए, बच्चोंके मनपर अनुचित प्रभाव डालनेवाली कहानी बताया है । मुख्यमन्त्री बघेलने यह वक्तव्य १७ मार्च २०२२ को (गुरुवारको) दिया है ।
चलचित्र देखकर लौटनेके पश्चात ‘मीडिया’से बात करते हुए मुख्यमन्त्री बघेलने कहा, “इस देशमें अब ‘सेंसर बोर्ड’का भी कोई महत्त्व नहीं रह गया । शासनद्वारा धारा ३७० हटाकर केवल राजनीति की गई है । कश्मीरी पण्डितोंको रोकने व उनके पुनर्वासके लिए कुछ भी नहीं किया गया । पण्डितोंको बचानेके लिए सेना भेजे जानेपर एक पूर्व प्रधानमन्त्री लोकसभाका घेराव करते हैं ।” यद्यपि उन्होंने पूर्व प्रधानमन्त्रीका नाम नहीं बताया ।
बघेल शासन ये बताए कि यदि निर्देशकने ये चलचित्र (द कश्मीर फाइल्स) केवल भाषण रूपमें दर्शाया है और उन्हें ये २०२४ की सिद्धता भी प्रतीत हो रही है तो कांग्रेसके शासनकालमें कश्मीरका सत्य क्यों नहीं दिखा गया ? अब समय सत्य उजागर होनेका है एवं सोया हिन्दू जाग्रत हो उठा है तथा उसे ज्ञात हो रहा है कि कैसे उसको गत ७० वर्षोसे मूढ बनाया गया है ? वस्तुतः बघेल शासन परिवर्तनके इस प्रचण्ड कम्पनसे भयभीत हो गए है; अतः हिन्दुओ ! संगठित रहें ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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