‘#Church_Killed_TN_HinduGirl’ नामक ‘ट्विटर ट्रेंड’के माध्यमसे तमिलनाडुमें हिन्दू छात्राकी आत्महत्याके पश्चात ‘मिशनरी’ विद्यालयोंकी वास्तविकता उजागर


२२ जनवरी, २०२२
       तमिलनाडुके तंजावुरमें एक ‘मिशनरी’ विद्यालयमें हिन्दू छात्राने आत्महत्या कर ली । मृत्युसे पूर्व आत्महत्याका कारण बताते हुए उसने कहा कि, उसे बलात ईसाई पन्थ स्वीकारनेका दबाव डाला गया था; किन्तु उसके मना करनेपर उसे प्रताडित किया गया । इससे पूर्व भी धर्मान्तरणकी घटनाएं सामने आईं थीं । कर्नाटकके ‘सेंट पॉल हायर प्राइमरी विद्यालय’पर मांसाहार परोसने तथा धर्म-परिवर्तनके आरोप लगे थे । गुजरातमें भी ‘मदर टेरेसा बालगृह’में भी मिशनरियोंद्वारा बच्चियोंका धर्मान्तरण करवानेका प्रयास हुआ था ।
          इन घटनाओंको देखते हुए ‘ट्विटर’पर #Church_Killed_TN_HinduGirl यह ‘हॅशटॅग’ प्रचलित (ट्रेंड) हुआ; जिसके अन्तर्गत लोगोंने ‘मिशनरी’ विद्यालयोंमें चलनेवाली हिन्दूविरोधी गतिविधियोंपर प्रकाश डाला । साथ ही अबतक धर्मान्तरणकी हुई घटनाओंको भी उजागर किया । धर्मप्रेमियोंने तमिलनाडुकी हिन्दू छात्राकी मृत्युके लिए उत्तरदायी विद्यालयके अधिकारियोंको कठोर दण्ड देकर उसके परिजनको न्याय दिलानेकी मांग की । इस ‘ट्रेंड’में ५० सहस्रसे अधिक ‘ट्विट्स’ हुए ।
       ईसाई पन्थ व ‘मिशनरियों’का इतिहास आरम्भसे ही अशोभनीय रहा है; यह घोर विडम्बना है कि जिन मूल देशोंसे ईसाई ‘मिशनरियां’ संचालित होती हैं वहां इनके विद्यालय एवं अनुयायी सीमित हो गए हैं व सनातन धर्मकी ओर उन्मुख होकर आत्मविकासको प्राथमिकता दे रहे हैं; जबकि भारतमें ‘ईसाई मिशनरियों’के कुकृत्य आए दिवस उजागर हो रहे हैं । इनकेद्वारा संचालित प्रत्येक विद्यालयोंमें निरीक्षण रख उचित कार्यवाही निरन्तरतापूर्वक करनी होगी । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ


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