मई ११, २०१९
असमके हैलाकांडीमें साम्प्रदायिक झडपके पश्चात शुक्रवार, १० मईको अनिश्चितकालीन निषेधाज्ञा (कर्फ्यू) लगा दी गई है । हिंसामें १५ लोग चोटिल हुए हैं तो वहीं एक व्यक्तिकी मृत्यु हो गई है । चोटिलोंमें तीन कांस्टेबल भी हैं । समाचारके अनुसार, शुक्रवार प्रातःकाल हैलाकांडीमें एक मस्जिदके बाहर से ये हिंसा आरम्भ हुई, जिसके पश्चात उपद्रवियोंने दशकाधिक वाहनों और मोटरसाइकिलोंको भी आग लगा दी !
प्रशासनने बताया है कि साम्प्रदायिक हिंसाके पश्चात शुक्रवार दोपहर एक बजे निषेधाज्ञा लगा दी गई । और यह अगले आदेशतक लगी रहेगी । प्रशासनने बताया है कि स्थिति नियन्त्रणमें है; परन्तु नगरमें तनाव व्याप्त है । स्थितिको देखते हुए भारी संख्यामें सुरक्षाबल नियुक्त हैं, साथ ही सेनाको बुलानेकी बात भी प्रशासनने कही है ।
हैलाकांडीकी उपायुक्त कीर्ति झल्लीने बताया कि मस्जिदके सामने सडकपर नमाज पढ जानेके विरुद्घ विरोधको लेकर यह झडप हुई । नगरके काली बाडी स्थानपर स्थित एक मस्जिदके सामने सडकपर शुक्रवारकी नमाज पढे जानेके लिए एकत्र हुए एक समुदायके लोगोंको दूसरे समुदायके लोगोंने सडकपर नमाज न पढनेको कहा, जिसके पश्चात ये हिंसा आरय्भ हुई ।
“इन्हीं स्थितियोंको देखते हुए असम सहित समूचे देशमें नागरिक सुरक्षा विधेयक पारित होना अत्यावश्यक है । असममें बांग्लादेशी धर्मान्धोंने अवैध अधिकार किए हैं और अब वे सडकपर नमाज पढने और उपद्रव करनेपर भी उतर आए हैं । आरम्भमें प्रशासन इन्हें वोटके लिए अवैध रूपसे घुसाते हैं, तदोपरान्त इन्हें सबकी दृष्टिमें निर्धनकी संज्ञा देकर दयनीय घोषित किया जाता है और अन्ततः इनका वास्तविक रूप सडकोंपर नमाज पढने और उपद्रवके रूपमें सामने आता है । यह स्थिति भारतके लिए शुभ संकेत नहीं है । प्रशासन इन्हें कठोरतासे निपटे, यही राष्ट्रहितमें होगा !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : सुदर्शन न्यूज
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