जोधपुरमें धर्मान्धोंका दुस्साहस, रामनवमीपर शोभायात्रापर किया पथराव, वाहन फूंंके !!


अप्रैल १४, २०१९

 

शनिवार १३ अप्रैलको राजस्थानमें जोधपुरके सूरसागर क्षेत्रमें रामनवमीपर दो गुटोंके मध्य तनाव इतना बढ गया कि शोभायात्रासे लौट रहे लोगोंपर एक समुदायके लोगोंने पथराव किया । पथरावके पश्चात समुदाय विशेषके लोगोंने दो वाहनोंको आग भी लगा दी !

सूरसागर क्षेत्रके व्यापारियोंके मोहल्लेमें दो दिवस पूर्व किसी बातको लेकर कुछ युवकोंमें आपसी बहस हो गई थी । यह इतनी बढ गई कि विवाद साम्प्रदायिक उपद्रवमें परिवर्तित हो गया । विवाद बढता देख वहां उपस्थित कुछ लोगोंने प्रकरणको शांत करा दिया; परन्तु रामनवमीके अवसरपर शोभायात्रामें भाग लेनेवाले लोग जब अपने घर लौट रहे थे, तभी उनपर कुछ लोगोंने अपनी छतोंसे पत्थर बरसाने आरम्भ कर दिए । एकाएक पत्थरोंकी बौछारसे शोभायात्रामें सम्मिलित लोगोंने भगदड हो गई, जिसमें कुछ लोग गम्भीर रूपसे चोटिल भी हो गए ।

थोडे समयके पश्चात पुलिस पहुंची तो पहले तो पुलिसने स्थितिपर नियत्रण पानेके लिए वहां उपस्थित भीडको खदेडा । उसके पश्चात जो लोग छतसे पथराव कर रहे थे, उन्होंने पुलिसपर भी पथराव करना आरम्भ कर दिया । इससे दो पुलिसकर्मियोंको गम्भीर चोटें आईं !

 

“कांग्रेस शासित राजस्थानमें यदि धर्मान्ध राम नवमीपर हिन्दुओंके साथ-साथ यदि पुलिसपर पत्थर फेंकें तो आश्चर्य कैसा ? धर्मान्धोंको ज्ञात है कि कार्यवाही होगी नहीं ! क्या ऐसे उपद्रवियोंको, जो पत्थर बरसाते हैं, पुलिसको गोलियोंसे मारनेकी स्वतन्त्रता नहीं होनी चाहिए ?, क्योंकि कश्मीरी पत्थरबाज और देशके कोने-कोनेमें पनप रहे धर्मान्ध पत्थरबाजोंमें कोई अधिक अन्तर नहीं है; क्योंकि दोनों ही राष्ट्रकी अखण्डताको नष्ट करनेमें लिप्त हैं, अन्यथा क्यों प्रत्येक हिन्दू त्यौहारोंपर पथरबाजी की जाती है ? हिन्दुओंको कोसनेवाली, लोकतन्त्रकी दुहाई देनेवाले शासक गण, समाचार माध्यम इसटर मौन न रहें और उत्तर दें कि क्यों धर्मान्धोंका इतना साहस बढ रहा है कि आज हिदू अपने ही देशमें अपने त्यौहार नहीं मना सकता ?” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : ऑप इण्डिया



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