जनवरी ४, २०१९
आगरामें रविवार, ३ फरवरी रात्रिमें साम्प्रदायिक उपद्रवकी चपेटमें आकर झुलस उठा । संवेदनशील क्षेत्र मंटोलाके टीला नंदराममें रविवार रात्रि सांप्रदायिक उपद्रव हुआ ! विवादका कारण एक युवकको टांग अडाकर गिरा देना बताया गया है । इसके पश्चात दोनों समुदायके लोग आमने सामने आ गए । बताया गया है कि पथराव हुआ, गोलीबारी हुई, बोतलें भी फेंकी गईं ! पथरावमें दस लोग चोटिल हो गए । सोमवार, ४ फरवरीको प्रातःकाल भी इस क्षेत्रमें भारी तनाव बना हुआ है । कई थानोंका पुलिस बल तैनात किया गया है ।
बताया गया कि प्रमोद नामका युवक मुंडापाडामें ‘आरओ प्लांट’से जल लेने गया था । वह जल लेकर घर आ रहा था । आरोप है कि मुस्लिम समुदायके युवकने टांग अडाकर उसे गिरा दिया । वह वहांसे आकर परिवारके लोगोंको लेकर पहुंचा तो उधरसे बल्लू, अकरम, यूसुफ, शेरा और मजीद सहित सैकडों लोग आ गए । उन्होंने अनुसूचित जातिकी बस्तीपर आक्रमण कर दिया । उधर, वहां उपस्थित लोगोंका कहना है कि पथराव दोनों ओरसे हुआ । अकरम, शेरा पक्षकी ओरसे बोतलें भी फेंकी गईं और गोलीबारी भी की गई । पथरावमें प्रमोद पक्षके अरुण प्रसाद, धीरज, प्रमोद, चंद्रा देवी, प्रेम चंद चोटिल हो गए । पुलिसके पहुंचनेपर उपद्रवी भाग गए । कई घरोंपर ताले लटके मिले ।
मुंडापाडामें पूरी सडक पत्थरों और कांचसे पट गई थी । तनावको देखते हुए छत्तासे लेकर सदर सर्किलतकका पुलिस बल तैनात किया गया है । सोमवार प्रातःकाल भी इस क्षेत्रमें तनाव देखनेको मिला । एसपी सिटी प्रशांत वर्माने बताया कि इस उपद्रवमें सम्मिलित आरोपियोंकी खोज की जा रही है ।
“‘भाई-भाई नीति’का अन्तिम परिणाम यही ही तो होता है । बच्चोंने पांव अडाकर दूसरे बच्चेको गिरा दिया और इसी बातमें दलितोंपर गोलियां और पत्थर चला दिए, ऐसा कभी सुना है क्या ? एक तो हिन्दू ही स्वयं दलितों, ब्राह्मणों, वैश्यों आदि-आदिमें विभाजित हो चुका है और अब विभाजित लोग क्या ही कर सकते हैं ? मुसलमानोंने इसमें गोलियां भी चलाई तो उनके पास ये सब कहांसे आई ? क्या शस्त्र अधिनियमका विधान केवल हिन्दुओंके लिए ही है ? हिन्दुस्तानके कई हिन्दूद्रोही व तुष्टिकरणसे ओतप्रोत नेता तो यहांतक कह देते हैं कि संघ जैसे संगठन आतंकवादी हैं; क्योंकि वे तलवार आदि रखते हैं ! तो तलवार संचालन आतंकका चिह्न है तो अवैध बन्दूकें रखना क्या है ? अब हिन्दुओंको नेत्र मूंदकर नहीं आंख खोलकर चलना होगा; प्रत्येक दिवस होनेवाले उपद्रव व अत्याचार हिन्दुओंको यही बता रहे हैं । – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : पत्रिका
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