कांग्रेसी नेता शशि थरूरका हिन्दूद्रोह, कहा कि हिन्दी, हिन्दू और हिन्दुत्व भारतका कर रहे हैं विभाजन !!


जनवरी ३१ २०१९
   
चन्द्रमा, शीतलता प्रदान करता है; परन्तु भारतीय राजनीतिमें एक ऐसे शशि (कांग्रेस नेता शशि थरूर ) हैं, जिनके वक्तव्य सूरजकी गर्मीकी भांति झुलसानेवाले होते हैं । वो अपनी बातोंको कहते हैं; परन्तु शब्दोंका चयन अत्यन्त घृणित होता है । दो दिवस पूर्व ही उन्होंने योगी आदित्यनाथकी संगममें डुबकीपर व्यंग्य किया था, अब उन्हें हिन्दी और हिन्दूमें विभाजनकी गंध दिख रही है !

शशि थरूरने एक बार पुनः विवादित वक्तव्य दिया है । इस बार उनका वक्तव्य हिन्दी, हिन्दू और हिन्दुत्वकी विचारधारापर है । थरूरके अनुसार ये तीनों शब्द भारतको विभाजित कर रहे हैं । हमें एकताकी आवश्यकता है न कि समानता की ।

वास्तवमेंं मोहम्मद जीशान नामके एक व्यक्तिके ‘ट्वीट’पर शशि थरूरने उत्तर दिया था । मोहम्मद जीशान लिखते हैं कि मुम्बईमें एक इमिग्रेशन अधिकारीने भारतीय छात्रको इस लिए विमानतलसे (एयरपोर्टसे) बाहर नहीं निकलने दिया; क्योंकि वो हिन्दी नहीं बोल पाया था ।

 

“शशि थरूर एक बात ध्यानसे सुनें कि हिन्दी, हिन्दू और हिन्दुत्व यह भारतवर्षका प्राण है ! यदि किसी देहमें रहनेवालेको प्राणोंसे आपत्ति हो तो उसे देहसे बाहर करना पडता है ! प्राणोंको बार-बार अपशब्द कहकर आप इस देशमें रह पा रहे हैं तो आपको आभार व्यक्त करना चाहिए उन धर्माहीन हिन्दुओं व राजनेताओंका, जिनके मौनके कारण आप ऐसे चुनावी वक्तव्य दे पाते हैं और भारतीय समाचार जगतकी हिन्दूद्रोहिताको बोध इसीसे होता है कि मस्जिदों या इस्लामपर कुछ भी बोलनेपर सम्पूर्ण दिवस मुख्य समाचार चलानेवाले कुछ समाचार जगत ऐसे वक्तव्योंपर मौन साधे रहते हैं !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : टाइम्स नाउ



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