‘पैगम्बर’के कथित अपमानपर मुसलमान देशोंको उकसानेवाले भारतीय नागरिकोंके विरुद्ध देशद्रोहका आरोप प्रविष्ट करें, केन्द्रीय सूचना आयुक्त उदय माहुरकरकी मांग !
१३ जून, २०२२
केन्द्रीय सूचना आयुक्त उदय माहूरकरने मांगकी है कि ‘पैगम्बर’ मोहम्मदका कथित रूपसे अपमान करनेके लिए मुसलमानदेशोंको भारतके विरुद्ध उकसानेवाले भारतीय नागरिकोंकी एक सूची ‘तैयार’ की जानी चाहिए तथा उनके विरुद्ध देशद्रोहका प्रकरण प्रविष्ठ किया जाना चाहिए । वह देश विरोधी कार्य कर रहे हैं । ऐसे में उनकी सम्पत्ति भी अधिहृत की जा सकती है, ऐसा श्री. माहुरकरने कहा । उच्चतम न्यायालयके अधिवक्ता प्रशांत भूषणने मांगकी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि शासन संवैधानिक व्यवस्थाको व्यवस्थित मार्गसे अन्त करनेके लिए कार्य कर रही है ।
माहुरकरने आगे कहा कि ‘इस्लामी’ विचारके नागरिक एवं आधुनिकतावादी मेरे विचारपर आपत्ति व्यक्त करते हैं; यद्यपि, वह जाकिर नाइक एवं एम.एफ. हुसैनसे प्रश्न क्यों नहीं पूछते ? धर्मनिरपेक्षता एकपक्षीय कैसे हो सकती है ? हिन्दुओंके ‘समझौते’पर ही हिन्दू-मुसलमान एकताकी अपेक्षा रखनेका समय चला गया, यह नवीन भारत है ।
राष्ट्रकी सुरक्षा और सम्मान सर्वोपरि है । माहुरकरका विचार सर्वथा योग्य है । अभिव्यक्तिकी स्वतन्त्रताके नामपर किसीको कुछ भी करनेकी छूट नहीं दी जानी चाहिए । ऐसे लोगोंके विरुद्ध राष्ट्रद्रोहका अभियोग प्रविष्टकर दण्डित किया जाना चाहिए और इस प्रकार किसी भी क्रियाकलापके विरुद्ध एक लक्ष्मणरेखा भी खींची जानी चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
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