धर्मान्तरण जिहादपर दूरदर्शन कार्यक्रम इस्लामविरोधी ? ‘एनबीडीएसए’ने ‘न्यूज नेशन’को दिए सभी दृश्यपट हटानेके आदेश


२७ नवम्बर, २०२१
      ‘न्यूज ब्रॉडकास्टिंग एंड डिजिटल स्टैण्डर्ड अथॉरिटी’को ‘न्यूज नेशनके कार्यक्रम ‘कंवर्जन जिहाद’के विरुद्ध परिवाद प्राप्त हुआ । १५ नवम्बर २०२१ को ‘एनबीडीएसए’ने आदेश पारित किया कि यदि इसका सञ्चालक निष्पक्ष न हो तो कार्यवाही की जाए तथा ‘चैनल’ अपने सञ्चालकोंको निष्पक्ष होने हेतु उचित प्रशिक्षण दे । यह भी निर्देश दिया कि क्षमायाचना करते हुए ७ दिनोंके भीतर सभी सम्बन्धित विवादित दृशपट हटा लिए जाएं !
        ‘एनबीडीएसए’ने सञ्चालक दीपक चौरसियाके द्वारा कार्यक्रममें दिए गए कुछ निम्नलिखित वक्तव्योंपर आपत्ति दर्शाई ।
१. ‘मेमचन्द जीवित है, उसका समाज लज्जित है ।’
२. ५०० हिन्दू कैसे बनाए मुसलमान ?’
३. ‘क्या मेवात बना पाकिस्तान ?’
       ‘सिटीजन्स ऑफ जस्टिस एंड पीस’ नामक एक ‘एनजीओ’ने ‘न्यूज नेशन’के ‘कन्वर्जन जिहाद’ कार्यक्रमपर आपत्ति दर्शाई थी । इसे इस्लाम विरोधी बताते हुए कहा था कि ऐसे कार्यक्रम प्रसारित न हों । ‘चैनल’ने इसपर क्षमायाचना की है ।
        यह दुःखद है कि सत्य कथन करनेपर भारतमें एक ‘चैनल’के कार्यक्रमके सञ्चालकको क्षमायाचना करनी पडी । जिहाद एक सत्य है, जो धर्मान्तरण हेतु अथवा अन्य धर्मियोंकी प्रताडना हेतु भिन्न-भिन्न प्रकारसे किया जाता है । उसके अन्तर्गत धार्मिक स्थलों, मूर्तियोंका विध्वंस भी आता है, हिन्दू ईसाई लडकियोंको फंसाकर ‘लव-जिहाद’ भी आता है, अकारण आक्रमण हत्याएं भी आती हैं और थूक जिहाद भी । ऐसे सत्य कुछ दृश्यपट हटानेसे नहीं छुपेंगे । हिन्दू राष्ट्रमें ये सभी प्रतिबन्धित होंगे, ऐसे अमानवीय अपराधोंपर कठोर दण्ड होगा । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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