‘नमाज’ पढकर घूस लेने आया नगरपालिकाका अभियन्ता (इंजीनियर) सगीर अहमद, रंगे हाथों पकडा
०२ मई, २०२२
मध्य प्रदेशके जनपद बुरहानपुरमें नगरपालिकाका एक अभियन्ता ६० सहस्र रुपयेकी उत्कोच (रिश्वत) लेते रंगे हाथों पकडा गया है । आरोपित अभियन्ताका नाम सगीर अहमद है । ‘ऑफिस’का चतुर्थवर्गीय कर्मचारी भी उसके साथ बन्दी बनाया गया है । यह ‘गिरफ्तारी’ लोकायुक्तके समूहने शुक्रवार (२९ अप्रैल २०२२) की है ।
‘मीडिया’ विवरणके अनुसार, परिवादकर्ता जब उत्कोचकी राशि लेकर आरोपित अभियन्ताके पास गया, तब सगीर अहमदने उसे प्रतीक्षा करनेको कहा । सगीरने बताया कि वह ‘नमाज’ पढने जा रहा है, जहांसे १ घण्टे पश्चात वह लौटकर आएगा । जैसे ही ‘नमाज’से लौटकर उसने उत्कोच ली और उसी समय पूर्वसे तत्पर लोकायुक्तके समूहने उसको बन्दी बना लिया । परिवादकर्ताका नाम सार्थक सोमानी है । उन्होंने बुरहानपुर नगरमें स्वच्छता सर्वेक्षण २०२२ के लिए ‘जागरुकता वॉल पेंटिंग’ की थी ।
योजनाके अन्तर्गत सगीरको ५० सहस्र रुपए ‘नगद’ और शेष पैसे १ लाख रुपएका ‘चेक’ भरकर दिए । उत्कोचका पैसा ‘चपरासी’ अजय मोरेने लिया और अभियन्ता सगीर उसके साथ था । लोकायुक्तके समूहने अभियन्ता सगीर और ‘चपरासी’ दोनोंपर ‘एंटी करप्शन अधिनियम’ और १२०-‘बी’के (साजिश रचनाके) अन्तर्गत अभियोग प्रविष्ट कर लिया है ।
मध्य प्रदेश शासन, अभियन्ता सगीर अहमदके विरुद्ध कठोर कार्यवाही करे, जिससे अन्य शासकीय कर्मचारियोंमें मनमें भी भय उत्पन्न हो और समाजका शासनपर विश्वास बढे । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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