जून ३, २०१८
आजमगढ, उत्तर प्रदेशमें साधारण विवादमें मुस्लिम समुदायके लोगोने दलित बस्तीपर आक्रमण कर दिया, और दलित परिवारके लोगोंकी पिटाई की; जो जहां मिला उसे वहीं जमकर पीटा। इसमें १० लोग गम्भीर रूपसे घायल हो गए हैं ! मुस्लिम समुदायके लोगोंने बस्तीमें तोडफोड भी की है। इसके बाद गांवमें तनावका वातावरण है।
घायलोंको खरेवांके चिकात्सालयमें भर्ती कराया गया है। तनावके बाद कई थानोंके रक्षाबल गांवमें तैनात कर दी गई है। एसपी ग्रामीण, सीओ फूलपुर देर राततक वहां रहे। दोषियोंको बन्दी बनानेके लिए पुलिसने अभियान आरम्भ कर दिया है ।
वास्तवमें, दुपहिया वाहनकी टक्कर को लेकर सरायमीरके बखरा गांवमें गुरुवार रात आठ बजे एक मुस्लिम युवकका दलित बस्तीके रहने वाले अमन, पुत्र रामअचल रामसे विवाद हो गया था। अमन १० सालका है। इसके बाद अमन घर चला गया। आक्षेप है कि थोडी देर बाद मुस्लिम समुदायके लोगोंने दलित बस्तीपर लाठी-डंडोंसे आक्रमण बोल दिया।
इससे दलित बस्तीमें भाग-दौड मच गई। इसमें सनोज, शिला, रामअचल, बिक्रम, जग्गी, अमन, अच्छेलाल, सनी, विशाल सहित १० लोग गम्भीर रूपसे घायल हो गए। सूचनापर ‘डायल-१००’ सहित सरायमीर, दीदारगंज, फूलपुर आदि थानोंके रक्षाबल यथास्थान पहुंची। आक्रमणकारी वहांसे मशभाग गए
सभी घायलोंको उपचारके लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खरेवां पहुंचाया। थोडी ही देरमें पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण एनपी सिंह, सीओ फूलपुर मौकेपर पहुंच गए। तनावको देखते हुए अतिरिक्त रक्षाबल बुलाया गया । एएसपीने बताया कि छोटेसे विवादमें मारपीट हुई है व स्थिति नियंत्रण में है। पुलिसने दोनों ही समुदायके लोगोंसे शांतिकी याचना की है और भ्रामक प्रचारपर विश्वास ना करने की सलाह दी है।
सरायमीरके इस क्षेत्रमें पहले भी विवाद
सरायमीर थाना क्षेत्रके बखरा गांवके बीच से होकर रास्ता निकलता है; जहां से आसपास के गांवके लोग आते-जाते हैं। इस रास्तेपर आने-जाने वाले लोगों से गांवके लोगोंका विवाद होता ही रहता है। पास में ही मुस्लिम समुदायके लोगोंकी बस्ती है। बखरा गांवके लोगों का कहना है कि पहले भी विवाद हुए हैं; जिसमें थानेमें शिकायत करनेपर पुलिस उनको ही समझाने लग जाती है; जिससे मुस्लिम समुदाय के लोगों को बल मिलता है।
स्त्रोत – इ पोस्ट मार्टम
Leave a Reply