जनवरी ३, २०१८
राजस्थानके अशोक गहलोत शासनने सभी शासकीय पत्रोंसे पण्डित दीनदयाल उपाध्यायका चित्र हटानेका आदेश बुधवारको जारी कर दिया । राज्यके मुद्रण एवं लेखन सामग्री विभागने इस आशयका आदेश जारी किया ।
समाचार विभाग ‘भाषा’के अनुसार, अतिरिक्त मुख्य सचिव रवि शंकर श्रीवास्तवकी ओरसे जारी इस आदेशके अनुसार राज्य मन्त्रिमण्डलकी २९ दिसम्बरको हुई बैठकमें किए गए निर्णयके अनुसार यह पग उठाया गया है ।
इसके अन्तर्गत राज्यके समस्त राजकीय विभागों, निगमों, समितियों एवं स्वायत्तशासी संस्थाओंके ‘लेटर पैड’पर पंडित दीनदयाल उपाध्यायके चित्रका लोगोके रूपमें प्रयोग/मुद्रण करनेके सम्बन्धमें ११ दिसम्बर, २०१७ को जारी परिपत्रको वापस लिया जाता है ।
“आदरणीय श्यामा प्रसाद मुखर्जीके साथ मिलकर राष्ट्रीय जनसंघका आरम्भकर जन-जनमें चेतना जगानेवाले दीनदयाल उपाध्याय सदृश महान विचारकका चित्र कांग्रेसने अपनी संकीर्ण मानसिकताके कारण केवल एक दलमें बांधकर प्रतिबन्धित कर दिया । कांग्रेस सदृश हिन्दूद्रोही दलसे इसके अतिरिक्त अपेक्षा भी क्या की जा सकती है ?”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : लाइव हिन्दुस्तान
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