राम मन्दिरके स्थानपर विश्वविद्यालयका परामर्श देने वाली दिल्ली सरकार १०० कोटि व्यय कर बनवाएगी हज हाउस !!


दिसम्बर ३, २०१८

दिल्ली भाजपाके अध्यक्ष मनोज तिवारीने दिल्लीके उप मुख्यमन्त्री और आम आदमी पार्टीके वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदियाके उस वक्तव्यपर पलटवार किया है, जिसमें कहा गया था कि अयोध्यामें विवादित स्थलपर मन्दिर अथवा मस्जिदके स्थानपर विश्वविद्यालय बनना चाहिए ।

एनडीटीवी इंडियासे मनोज तिवारीने कहा कि ‘मुझे बहुत आश्चर्य हो रहा है कि यह जो ‘आप’के शीर्ष चार-पांच नेता हैं, इन लोगोंकी बुद्धि कैसे भ्रष्ट हो गई है ! उन्होंने १०० कोटि रुपयोंसे हज हाउस बनानेके लिए देनेकी बात कही है तो यदि आप सचमें विश्वविद्यालय चाहते हो तो १०० कोटिमें तो दिल्लीमें दो विश्वविद्यालय बन जाएंगे । भूमि भी है आपके पास, ५०-५० कोटि दे दो, परन्तु आपको विश्वविद्यालय नहीं बनाना है, आपको हज हाउस बनाना है !’

रविवारको एनडीटीवी इंडियाके कार्यक्रम ‘हम लोग’में जब मनीष सिसोदियासे अयोध्यापर उनका पक्ष पूछा गया तो उन्होंने कहा था कि ‘मेरा पक्ष यह है कि राम मंदिर और मस्जिद दोनों पक्षोंसे पूछ लो और यदि दोनोंकी सहमति हो तो वहां एक अच्छा विश्वविद्यालय बनवाओ । वहां हिन्दुओंके बच्चे भी पढें, मुसलमानोंके भी पढें, ईसाइयोंके भी पढें,, भारतीयोंके भी पढें, विदेशियोंके भी पढें । वहींसे रामके सिद्धान्तोंको निकालो । राम मंदिर बनानेसे राम राज्य नहीं आएगा, पढानेसे आएगा ।’

मनोज तिवारीने कहा ‘इनको (मनीष सिसोदिया) पता नहीं राम मंदिरसे ऐसी कौन सी परेशानी है ?, कि हज हाउस बनाएंगे, परन्तु राम मंदिरका विरोध करेंगे । मैं मनीष सिसोदियाजीको बताना चाहता हूं कि आपकी शिक्षाका यह प्रभाव है कि आप समझ नहीं सकते हो कि राम मंदिर अपने आपमें कितनी बडा विश्वविद्यालय है । ऐसा लग रहा है जन्मभूमिपर एक मन्दिर बनना उनकी छातीमें जैसे मूंग दल रहा हो !’

‘आप’की वरिष्ठ नेता और दलकी पूर्वी दिल्ली लोकसभा प्रभारी आतिशीने कहा कि यदि आप हमारी सरकारकी प्राथमिकता देखेंगे तो पाएंगे कि दिल्ली सरकार प्रत्येक वर्ष १२ सहस्र कोटि रुपये व्यय करती है । स्वास्थ्यपर ८ से ९ सहस्र कोटि रुपये व्यय करती है, किन्तु उसके पश्चात भी कई ऐसे व्यय भिन्न-भिन्न धर्म विशेषके कार्यक्रमोंके लिए होते हैं । जैसे दिल्ली सरकार भव्य स्तरपर कांवड शिविरका आयोजन करती है । छठ पूजाकी व्यवस्थाका आयोजन करती है । उत्तरायणी, जो उत्तराखण्डके लोगोंका त्योहार है, तो उसी प्रकारसे सरकार एक हज हाउस भी बना रही है, परन्तु इन दोनों चीजोंको जोडकर देखनेका कोई अर्थ नहीं है । भाजपा अपने गिरेबांमें झांककर देखे । जिन-जिन राज्योंमें उनकी सरकार है, वहां शिक्षापर ५% भी बजट आवंटित नहीं होता !’

दिल्लीकी केजरीवाल सरकार द्वारकाके सेक्टर-२२ में ९३.४७ कोटिकी लागतसे दिल्लीका प्रथम हज हाउस बना रही है । इसका काम अभी आरम्भ नहीं हुआ है । दिल्लीसे प्रत्येक वर्ष १५ से २० सहस्र हज यात्री अपनी यात्राके समय गुजरते हैं । दिल्लीके अतिरिक्त उत्तराखण्ड, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और चंडीगढके हाज यात्री भी दिल्लीसे अपनी यात्रा करते हैं ।

स्रोत : एनडीटीवी



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