सम्बन्ध बनानेसे मना करनेपर जिहादी चांद आलमने कर दी झरना नामक महिलाकी निर्मम हत्या


२५ नवम्बर, २०२१
         २१ नवम्बर २०२१, रविवारके दिन देहली ‘पुलिस’को ‘प्लास्टिक’की थैलीसे ढका हुआ एक महिलाका शव प्राप्त हुआ था । इसके पश्चात ‘पुलिस’ जांचमें जुट गई । जांचके मध्य ‘पुलिस’को यह ज्ञात हुआ कि मृतक महिलाका नाम झरना है एवं हत्यासे एक रात्रि पूर्व चलभाषके विवरणद्वारा मिली जानकारीके अनुसार, उसकी हत्या उसीके मित्र चांद आलम नामक व्यक्तिने की थी । देहली ‘पुलिस’ने चांद आलमको ओखला क्षेत्रसे बन्दी भी बनाया है । समाचारके अनुसार, ३७ वर्षीय झरना और २६ वर्षके चांद आलम, २०१५ में देहली-फरीदाबाद सीमापर स्थित पुल प्रहलादपुर क्षेत्रमें एक ‘कम्पनी’में कार्यके मध्य मिले थे व तभीसे दोनोंके मध्य मित्रता हो गई थी । अब कुछ समय पूर्व ही चांद आलमसे झरनाकी मित्रता टूट गई थी एवं सूरज नामक व्यक्तिके साथ उसकी नवीन मित्रता हुई थी । इस बातको लेकर चांद आलम क्रोधित था एवं झरनाकी हत्या करनेके विचार करने लगा था । ‘पुलिस’के समक्ष अपना कुकर्म स्वीकार करते हुए चांद आलमने बताया कि २१ नवम्बर २०२१ को वह झरनासे बदरपुर ‘बस स्टॉप’पर मिला; जिसके पश्चात वह झरनाको ओखलाके ‘रेलवे ट्रैक’के समीप वीरान क्षेत्रमें ले गया । वहां चांद झरनासे बलपूर्वक शारीरिक सम्बन्ध बनाने हेतु प्रयत्न करने लगा । तब झरनाकी अस्वीकृतिसे क्रोधित होकर, आरोपीने ‘कैंची’ निकाल महिलाका गला काटकर उसकी हत्या कर दी । मारनेके पश्चात उसने शवको ‘प्लास्टिक’की थैलीसे ढक दिया एवं उसके चलभाषको क्षतिग्रस्त कर दिया । हत्यामें प्रयोग ‘कैंची’ और रक्तके वस्त्र एक नालेमें फेंक देनेके पश्चात वह वहांसे भाग निकला; परन्तु झरनाके चलभाषसे प्राप्त हुई जानकारीके कारण उसे पकड लिया गया । वहीं देहली ‘पुलिस’के अनुसार, मृतक महिला विवाहिता थी एवं उसके दो बच्चे भी हैं ।
         नित्य उजागर होते हिन्दू महिलाओंपर जिहादियोंद्वारा उत्पीडनके प्रकरण स्पष्ट करते हैं कि हिन्दू महिलाओंमें सजगताका अभी भी अत्यधिक अभाव है, जिस कारण वह जिहादियोंके चंगुलमें फंस जाती हैं । वहीं सभीको इस कालमें साधनाके भी अधिकसे अधिक प्रयास करने चाहिए, जिससे ईश्वर हम सबपर साधनाका सुरक्षा कवच निर्माणकर हमारी रक्षा करें ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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