देहलीके पाठक परिवारको शंख-घण्टी बजानेपर दानिशसे मिली थी धमकी, अब मो. शफीने बजाया ध्वनि विस्तारक यन्त्र


२० नवम्बर, २०२१
     देहलीके मदनपुर खादर एक्सटेंशन निवासी रोशन पाठकने दानिश और उनके साथियोंपर अपने परिवारको पूजा-पाठ न करने देनेका आरोप लगाया था । यह १९ अक्टूबर २०२१ की घटना थी । दानिशने कई मुसलमान परिवारोंको भी एकत्रित कर पुनः ऐसा करनेपर भगवानकी प्रतिमाको उठाकर बाहर फेंक देनेकी धमकी दी थी । इस प्रकरणके सञ्चारमाध्यमोंमें आनेके पश्चात उन्हें और आरोपित दानिशको ‘पुलिस’ने बुलाकर आरोपितको पुनः ऐसी कृति नहीं करनेकी चेतावनी दी थी । इसीके साथ दोनों पक्षोंसे एक सहमति पत्र लिखवाकर तत्कालीन सहायक ‘पुलिस’ आयुक्त बिजेन्दर सिंहके कार्यालयमें जमा करवा लिया गया था । इसी कारणसे प्राथमिकी प्रविष्ट नहीं की गई । रोशन पाठकके अनुसार, हिन्दू संगठन एवं बजरंग दलने उनकी इस प्रकरणमें अत्यधिक सहायता की; किन्तु ४-५ दिवस पूर्व वहीं रहनेवाले झगडालू स्वभावके मोहम्मद शफी और उसकी पत्नी गुलाब जहांं तीव्रतम ध्वनिमें ध्वनि विस्तारक यन्त्र (स्पीकर) बजाने लगे । उन्हें समझना निष्प्रभावी हुआ । जब इस सम्बन्धमें परिवाद किया गया, तब ‘थाना’ गृह अधिकारीके आते ही उन लोगोंने ध्वनि विस्तारक यन्त्र बन्द कर दिया ।
       रोशन पाठकके अनुसार, पूर्वमें उनके ‘मोहल्ले’में मुसलमान अल्पसंख्यक थे, जो अब बहुसंख्यक हो गए हैं । कुछ हिन्दू परिवार ऐसी ही दुर्व्यवहारके कारण पलायनकर अन्य स्थानपर बस गए हैं । रोशनने कहा कि वे पलायन नहीं करनेवाले । आरोपितके उनकी अनुचित कृतिको उसके परिवारका सम्पूर्ण समर्थन प्राप्त है । रोशनका आरोप यह भी है कि स्थानीय विधायक अमानतुल्लाह खान भी दानिश जैसी विचारधारा रखनेवालोंका समर्थन करते हैं ।
       पाठक परिवारका जिहादियोंके अन्यायके विरुद्ध कठोर प्रतिकार अनुकरणीय है । वैश्विक पटलमें अल्पसंख्यक हो चुके हिन्दुओंको न केवल मूलभूत अधिकारोंके प्रति सजग होकर अस्तित्वकी रक्षा करते रहना है; अपितु दृढ निश्चयपूर्वक साधना सहित हिन्दू राष्ट्रके लिए कृतिशील बने रहना है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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