भारत ही इस विश्वका एक मात्र ऐसा देश होगा जहांके बहुसंख्यक हिन्दू अल्पसंख्यक धर्मांधोंसे भयसे अपना मूल स्थान एवं घर छोडकर विस्थापितोंका जीवन व्यतीत होते हैं ! क्या यह वही वीरोंका देश है जहां धर्मान्धोंके अत्याचारका प्रतिशोध लेने हेतु हिन्दू उनपर सिंह समान टूट पडते हैं ! इस देशको आज पुनः महावीरोंकी आवश्यकता है ! हे कृष्ण, इस अर्जुन व अभिमन्युकी भूमिको किसकी कुदृष्टि लग गई ?
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