जुलाई ७, २०१८
ईसाई धर्मका प्रचार करने पहुंची २५ सदस्यीय दलको शिकारीपाडाके फुलपहाडी ग्रामके लोगोंने गुरुवार रातभर बन्धक बनाकर रखा । शुक्रवारको पुलिसने ग्रामीणोंके बन्धनसे मुक्त कराकर बन्दी बना लिया । आक्षेप है कि ये लोग बलपूर्वक धर्मान्तरणका प्रयास कर रहे थे ।
फुलपहाडी गांवके प्रधान रमेश हेम्ब्रमने ईसाई धर्म प्रचारकोंपर वैधानिक कार्रवाईके लिए शिकारीपाडा थानेमें लिखित परिवाद दी है । इसमें कहा है कि प्रचारकोंने मना करनेके पश्चात भी न केवल ईसाई धर्मका प्रचार किया, बल्कि गांवके जाहेर थान और मांझी थानके सम्बन्धमें आपत्तिजनक टिप्पणी भी की ! इन स्थलोंकी पूजा छोडकर ईसाई धर्म अपनानेको कहा ! यह प्रलोभन भी दिया कि हम आप लोगोंको सारी सुविधाएं देंगे ! पहले भी ये लोग गांवमें धर्मान्तरणका प्रयास कर चुके हैं । धर्म प्रचारकोंको मुक्त कराकर पुलिसने बन्दी बना लिया है । दुमकाके एसपी किशोर कौशलने इसकी जांचके लिए डीएसपीको शिकारीपाडा भेजा है । बताया कि बलपूर्वक धर्म परिवर्तन करानेकी परिवाद मिली है । प्रकरण सही पाया गया तो अभियोग किया जाएगा ।
फुलपहाडीमें पकडे गए २५ धर्म प्रचारकोंके दलमें १४ पुरुष और ११ महिलाएं हैं । इनमें पांच नाबालिग हैं । प्रचारकोंके दलमें प.बंगालके रामपुरहाट और सिउडीके साथ ही शिकारीपाडाके स्थानीय लोग भी हैं । थानेमें ईसाई धर्म प्रचारकोंके समर्थनमें कई पादरी पहुंचे, जो केरल राज्यके हैं । ईसाई धर्म प्रचारकोंका कहना है कि उन्होंने बलपूर्वक धर्मान्तरणका प्रयास नहीं किया, केवल ईसाई धर्म और यीशुका प्रचार करने गांव पहुंचे थे, परन्तु उन्हें गांव वालोंने रोक लिया ।
स्रोत : लाइव हिन्दुस्तान
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