स्वतन्त्रता पूर्व जिस प्रकार अंग्रेजी राज्यकर्ता, पुलिस एवं प्रशासनने भारतके स्वतन्त्रता सेनानियोंके साथ नृशंस वर्तन कर इतिहासमें अपनेको एक दुर्जनके रूपमें स्थापित किया है, उसी प्रकार आगामी हिन्दू राष्ट्रके इतिहासमें आजके सभी हिन्दू विरोधी तत्त्व, जो हिन्दू संतों, साधकों, हिन्दू-राष्ट्रप्रेमी हिन्दुत्त्वादियों, गंगा भक्तों व गोरक्षकोंको भिन्न प्रकारसे प्रताडित कर रहे हैं, उन सभी राज्यकर्ताओं, प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस एवं प्रसारवाहिनियोंके (मीडियाके) लोगोंको भी दुर्जनके रूपमें इतिहासमें अंकित किया जाएगा । – तनुजा ठाकुर
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