उपवासकी व्युत्पत्ति उप + वाससे हुई है ! उपका अर्थ है निकट और वासका अर्थ है रहना अर्थात शरीरको जितना आवश्यक हो उतना और सात्त्विक भोजन देकर उसकी शुद्धि करते हुए अपने इन्द्रियोंका निग्रह करते हुए ईश्वरको अपेक्षित कृत्य करना | मात्र, आज व्रतके समय ईश्वरका वास अल्प प्रमाणमें रहता है और उपवासमें कौन सा सात्त्विक आहार करें इस विचारका वास अधिक रहने लगा है !- तनुजा ठाकुर
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