दिग्विजयका हिन्दूद्रोह, कहा मेरे शब्दकोषमें हिन्दुत्व शब्द नहीं !!


अप्रैल २०, २०१९

 

भोपालसे कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंहने कहा कि हिन्दुत्व शब्द मेरे शब्दकोषमें (डिक्शनरीमें) सम्मिलित नहीं । इसके पश्चात उन्होंने पत्रकारोंसे ही प्रश्न पूछ लिया । कहा, “आप लोग क्यों हिन्दुत्व शब्दका प्रयोग करते हैं । दिग्विजय सिंहने कहा, “हमारा प्रयास होगा कि भोपाल एक वैश्विक नगर (ग्लोबल सिटी) हो, जहां हम विश्वभरसे जीविका अपने यहां ला सकें ।”

वास्तवमें, नामांकन पत्र प्रविष्ट करनेके पश्चात प्रेस कॉन्फ्रेंसमें समाचार माध्यमोंके उस प्रश्नका उत्तर दे रहे थे, जिसमें पूछा गया कि वह हिन्दुत्व आतंकवादपर क्या कहेंगें । इसपर दिग्विजय सिंहने कहा कि इस बारेमें आपको अमित शाहसे पूछना चाहिए । जिन्होंने आरके सिंहको भाजपामें सम्मिलित कर लिया, जो तत्कालीन गृह सचिव थे और उन्होंने हिन्दू आतंकवादकी बात कही थी ।  

दिग्विजय सिंह, जब नामांकनके लिए चले तो उनके साथ समर्थकोंका भारी हुजूम भी कलेक्टोरेट पहुंचा, यहांपर पुलिसने उन्हें अवरोधककेद्वारा (बैरिकेडिंगकेद्वारा) बाहर ही रोक दिया । इससे पहले दिग्विजय सिंह पत्नी अमृता सिंहके साथ झरनेश्वर मंदिर पहुंचे, जहांपर उन्होंने अपने गुरु शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वतीसे मिले, उनका आशीर्वाद लिया और विशेष पूजा-अर्चना की । इसके पश्चात आधे घंटेतक उनसे अकेलेमें चुनावी रणनीतिपर चर्चा की । इस अवसरपर दिग्विजय सिंहने चुनावके अवसरपर कुछ भी कहनेसे मना कर दिया ।

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंहने प्रातः ही ‘ट्वीट’ करके शनिवारको नामांकन भरनेकी सूचना देते हुए भोपालके लोगोंसे नए आगाज और सकारात्मक परिवर्तनके लिए आशीर्वाद मांगा है । साथ ही उन्होंने वचन किया है कि आपकी भागीदारी, सदैव मेरा उत्तरदायित्व होगा ।

 

“हिन्दू आतंकवाद रचनेवाले धर्मद्रोहियोंके शब्दकोषमें हिन्दुत्व शब्द हो भी कैसे सकता है ! ऐसे लोगोंका जन्म हिदू परिवारमें हुआ तो है; परन्तु ये हिदू कहलाने योग्य है ही नही ! बात तो दिग्विजय सिंह धर्मनिरपेक्षताकी कर रहे हैं; परन्तु क्या वह अपना एक कृत्य ऐसा बता सकते हैं, जो धर्मनिरपेक्ष हो । मध्यप्रदेशके मुख्यमन्त्री रहते हुए केवल हिदुओंपर आघात किए, भ्रष्टाचारकी समस्त सीमाएं पार की, उस समय लोगोंने देखा कि कैसे दिग्विजय चारों ओरसे आजीविका लाए थे, तभी १५ वर्ष सत्तासे बाहर रहे । हिन्दुओ ! ऐसे हिन्दू विरुद्ध षडयन्त्र करनेवाले नेताओंको आनेवाले चुनावोंमें पाठ पढाए !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

स्रोत : भास्कर



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