यश्च मूढतमो लोके यश्च बुद्धे: परं गत: ।
तावुभौ सुखमेधेते क्लिशत्यन्तदरितो जन: ।।
अर्थ : इस जगतमें दो प्रकारके मनुष्य आनंदी रहते हैं – जो पूर्णत: अज्ञानी हो और दूसरा वे जिनका बुद्धिलय हो गया हो अर्थात उनकी बुद्धि विश्वबुद्धिसे एकरूप हो गयी हो; शेष सभी अधिकांशत: दु:खको अनुभव करते रहते हैं ।
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