मार्च २५, २०१९
उत्तर प्रदेशके मेरठमें एक निजी चिकित्सा केन्द्रमें ३ लोगोंपर (डॉक्टर सहित) २९ वर्षीय महिलाके दुष्कर्मका आरोप लगा है । साथ ही १ उपचारिकापर (नर्सपर) भी इस दुष्कर्ममें सम्मिलित होनेका आरोप है । इस प्रकरणमें पुलिसने अब तक तीन आरोपियोंको बन्दी बना लिया है, जबकि एक अब भी भागा हुआ है ।
पुलिसका कहना है कि २१ मार्चको श्वासकी कठिनाई होनेके कारण महिलाको चिकित्सालरमें प्रविष्ट कराया गया था, जहां महिलाकी जांचके पश्चात यक्तकी समस्या सामने आई । पीडिताके पतिने बताया कि उसकी पत्नीको प्रथम तो उपचारिकाने एक नशेका टीका लगाया और उसके पश्चात ३ लोगोंने उसके साथ सामुहिक दुष्कर्म किया !!
पीडिताके अनुसार उसे इसकी जानकारी तब हुई, जब उसे चेतना आई और उसने अपने पास ‘वार्ड ब्वॉय’को लेटा हुआ देखा !! इसके पश्चात वह चिल्लाई; परन्तु जब तक महिलाका पति गहन चिकित्सा केन्द्रमें (आईसीयूमें) पहुंचा, तब तो आरोपित वहांसे भाग चुका था ।
पुलिस ने बताया है कि इस प्रकरणमें आरोपियोंके नाम नियाजू (२०), अशोक मलिक (३५), शादाब (२३) और लक्ष्मी (५०) हैं । शादाबको इस समूचे प्रकरणका मुख्य आरोपी बताया जा रहा है ।
उल्लेखनीय है कि मेरठके चिकित्सालयमें हुए दुष्कर्मका यह प्रथम प्रकरण नहीं हैं ।
“इस्लामिक जिहादी मानसिकताद्वारा प्रसारित रेप-जिहादके प्रकरणमें वृद्धि होती जा रही है । यह रेप-जिहाद एक हिन्दू स्त्रीको एक कामवासनाकी पूर्तिके रूपमें देखकर उसकी लज्जा भंगकर उसका जीवन नष्ट करना है । यह लवजिहादसे मिलता है; परन्तु उससे भिन्न है । इससे यह भी बोध होता है कि धर्मान्धोंके मनमें शासन और दण्डका भय नहीं है; अतः हिन्दू स्त्रियों, स्वरक्षण हेतु स्वयंको धर्मान्धों व उनके स्थान, जहां वे कार्य भी करते हैं, स्वयंको दूर रखें व संगठित होकर स्वरक्षणके गुर सीखें; क्योंकि शासन इस प्रकरणमें कोई सहायता करनेको सज्ज नहीं है तो ऐसेमें कुछ पग स्वयं ही उठाने पडेंगें !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : ऑप इण्डिया
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