सितम्बर १५, २०१८
मध्य प्रदेशके राजगढमें प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदीके ‘गोबर-धन योजना’ कार्यक्रमके लिए गौशालाकी गायोंको बाहर निकालने से ८ गायोंकी मृत्युका प्रकरण सामने आया है । प्रान्तकी जीरापुर तहसीलके ग्राम पिपलिया कुल्मीमें नवीन गायत्री गौशालामें प्रधानमन्त्रीकी ‘वीडियो कांफ्रेंसिंग’के लिए बडा मंच सजाया गया । इस आयोजनके लिए गौशालाकी ४५० गायोंको गौशालासे बाहर कर, कृषि मण्डी प्रांगणमें बन्द कर दिया गया, भूख से तडपती गायोंकी मृत्यु हो गई और कई गायोंकी स्थिति विकट है ।
प्रधानमन्त्री मोदी १५ सितम्बरको ‘स्वच्छता ही सेवा’ कार्यक्रमको ‘वीडियो कांफ्रेंसिंग’ है । देशके दो दर्जन प्रान्तोंमें इस प्रकारके आयोजन रखे गए हैं, जिसमें से मध्यप्रदेशके राजगढमें यह आयोजन हो रहा है । इस आयोजनके लिए गौशालाकी लगभग ४५० गायोंको गौशालासे बाहर मण्डी प्रांगणमें बन्द कर दिया गया है । वहीं जो गाएं चलनेकी स्थितिमें नहीं हैं, उनको हाथ ठेलेपर बैठाकर मण्डी प्रांगणमें पहुंचाया गया है । अभी तक लगभग ८ गायोंकी मृत्यु हो चुकी है । मण्डीमें प्रत्येक स्थानपर गायोंके शव पडे हैं, जिनको ग्रामीणोंने देखा और चलभाषपर उसका वीडियो बना लिया । गौशाला परिसरमें सजे मंच और मण्डीमें पडे गायोंके शवोंका वीडियो प्रसारित हो गया है ।
जिला पंचायत अधिकारी राजगढ दीपमाला सिकरवालने बताया कि गौ सुरक्षाके नाम पर हो रहे इस कार्यक्रममें सबसे बडा उपहास यह है कि कार्यक्रमके समय गौशालाकी गायोंको बाहर रखा जाएगा, जबकि गांव वालोंकी निजी ४ से ५ गायोंको गौशालामें बांधा जाएगा ! प्रधानमन्त्री मोदीको यह दिखाया जाए कि गौशालामें रहने वाली सभी गाएं हष्ट-पुष्ट हैं ।
मप्र कांग्रेस महासचिव प्रियव्रत सिंहका कहना है कि मेरी ज्ञात हुआ है कि पिपलिया कुलमीमें ‘वीडियो कांफ्रेंसिंग’ कार्यक्रम गौशालामें रखा गया है । गौशालामें जो गोवंश था उसे खींचकर हटाकर वहां कृषि मण्डीमें बन्द किया गया है । इतनी क्रूरता से बन्द किया है कि वहां ५ से ६ गोवंश गौ माताकी मृत्यु हो चुकी है । गोवंशकी रक्षाके नामपर भारतीय जनता पार्टीके तथाकथित लोग मानव हत्या पर आ जाते हैं और यहां गोवंशकी हत्या हुई है ।
वहीं गांववालोंका कहना है कि गत कुछ दिवससे यहां गौशालामें एक कार्यक्रम आयोजित करनेकी तैयारी की जा रही है । गत ५ से ७ दिवससे गौशालाकी गायोंको मण्डी परिसरकी सीमामें बन्द कर दिया गया है, जहां गाएं भूखी मर रही हैं, वहीं प्रधानमन्त्रीके ३ मिनटके कार्यक्रमके लिए पूरा प्रशासन लगा हुआ है ।
“इसे प्रशासनका दोष कहा जाए अथवा प्रधानमन्त्रीका, हानि हिन्दुओंकी ही हुई है ! ये जो तथाकथित राजनेेता राम बननेका प्रयास करते हैं, मस्जिद प्रवेशसे पूर्व नंगे पांव जाकर उसे चूमते है, क्या उन्हें गौशालाके धरातलकी ओर देखने भरकी सुध है ? अथवा केवल चुनावी भाषण और दिखावे मात्रके लिए यह कृत्य है ! हिन्दुओं ! धर्मरक्षा हेतु स्वयं सज्ज होना होगा, किसी भी राजनीतिक दलसे अपेक्षा व्यर्थ है !” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : जी न्यूज
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