मई ६, २०१९
आगराके थाना मलपुरा क्षेत्रके गांवमें भागवत कथा हो रही है । गुरूवार, २ मई प्रातःकाल दूसरे समुदायके युवकने भागवत सुनने जा रही युवतियोंसे छेडछाड कर दी थी । विरोध करनेपर उसने एक युवककी भी पिटाई कर दी । सूचनापर पहुंची पुलिस आरोपीको पकडकर थाने ले गई । पुलिसने शुक्रवार, ३ मईको कारावास भेज दिया । उसे कारावास पहुंचते ही प्रतिभूति (जमानत) मिल गई । आरोप है कि इसके पश्चात वह अपने साथियोंके साथ शुक्रवार रातको सेवानिवृत्त स्टेशन मास्टरके घरपर पहुंच गया । वहांपर उसने उनके साथ मारपीट की । विरोध करनेपर गोलीबारी कर दी । सूचनापर पुलिस आ गई, पुलिसको देख आरोपी भाग गए । इस मध्य आरोपीके घरपर उसके छोटे भाईको पकड लिया और थाने ले गई । पीडितने प्रकरणमें पुलिसको परिवाद दी है ।
थाना मलपुरा क्षेत्रके गांव कुठावलीमें गुरूवार प्रातःकाल ९ बजे गांवकी युवतियां भागवत सुननेके लिए जा रही थीं । आरोप है कि गांवके ही दूसरे समुदायके युवक यूनिस पुत्र रमजानीने उनके साथ छेडछाड की । इसपर युवतियोंने शोर मचा दिया । शोर सुनकर भागवत करानेवाले परिवारका एक युवक आ गया । उसने इसका विरोध किया, जिसपर समुदाय विशेषके युवकने उसके साथ मारपीट कर दी । इसके पश्चात आरोपी युवक भाग गया । इसकी सूचना नियन्त्रण कक्षपर दी गई । सूचना मिलते ही गांवमें पुलिस पहुंच गई । ग्रामीणोंने पुलिसकी सहायतासे आरोपी युवकको घेराबंदीकर पकड लिया । पुलिस उसे पकडकर थाने ले गई । पुलिसने यूनिसको कारावास भेज दिया । कारावास पहुंचते ही उसे प्रतिभूति मिल गई ।
परिवारके सदस्य सेवानिवृत्त स्टेशन मास्टर ओमप्रकाश सिंहने बताया है कि यूनिस शुक्रवार रात डेढ बजे गांवमें घरपर अपने मित्रोंके साथ पहुंच गया । वह लाठी डंडे तथा शस्त्र लिए था । उसने और उसके मित्रोंने मारपीट आरम्भ कर दी । उन्होने इसका विरोध किया । जिसपर यूनिसने गोलीबारी कर दी । गोलीबारी सुन गांवमें सनसनी फैल गई । सूचना मिलते ही पुलिस बल गांवमें पहुंच गए । पुलिसको देखकर आरोपी भाग गए ।
“धर्मान्ध रमजानी अपनी इस्लामिक मानसिकताके कारण युवतियोंको लक्ष्य बना रहा है और असफल होनेपर मरने-मारनेको सज्ज है अर्थात भाईचारा अब जिहादतक पहुंच गया है । इस्लाममें युवतियां एक वासनापूर्तिका माध्यम है और वह हिन्दू हो तो जिहादका अवसर भी मिल जाता है । अब जब बात गांवकी हिन्दुओंकी पुत्रियोंपर आई है तो सभी हिन्दुओंने एकत्र हो जाना चाहिए और मुखर होकर ऐसे जिहादियोंका विरोध करना चाहिए और गांवसे निकालना चाहिए ताकि कोई भी जिहादी आगेसे ऐसा कृत्य करनेका सोच भी न पाए ! ”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : पत्रिका
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