जनवरी २४, २०१९
पति और दो बच्चोंको छोड एक महिलाने पहले अपना धर्म परिवर्तन किया, तदोपरान्त दूसरे व्यक्तिसे विवाह कर लिया । कुछ दिनों पश्चात समय परिवर्तन हुआ और उसके पतिने ही गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी । पुलिसने आरोपीको बन्दी बनाकर महिलाके शवको अधिकृत कर लिया है ।
सूचनाके अनुसार दोनोंकी भेंट एक सामाजिक जालस्थलकेद्वारा हुई थी । यद्यपि अभीतक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि दोनोंके मध्य विवाद किस प्रकरणपर हुआ था ?, पुलिस इसकी जांच कर रही है ।
पुलिसने बताया कि देहलीके ब्रह्मपुरीमें रहनेवाली निधि शर्माने गत वर्ष १७ जुलाईको अपने पति और दो बच्चोंको छोडकर देहलीमें ही काम करनेवाले इंतजारसे विवाह कर लिया था । इंतजार उत्तरप्रदेशके बिजनौरका रहनेवाला है । निकाहसे पूर्व निधिने धर्म परिवर्तनकर अपना नाम इकरा रख लिया था । विवाहके पश्चात वह देहलीके जाफराबादमें रहने लगी थी । उधर, निधिके प्रथम पति संजयने २४ जुलाईको निधिकी लुप्त होनेकी प्राथमिकी न्यू उस्मानपुर थानेमें प्रविष्ट करा दी थी ।
बताया जा रहा है कि इंतजार बुधवार, २३ जनवरीको कारसे निधिका शव लेकर देहलीसे बिजनौर आया और दफनानेकी तैयारी करने लगा । इस बारेमें जब इंतजारकी प्रथम पत्नी अफरोजके पिताको भनक मिली तो उन्होंने तत्काल पुलिसको सूचना दे दी । पुलिस वहां पहुंची और इंतजारको बन्दी बना लिया । कोतवाल विजेन्द्रपाल राणाके अनुसार, इंतजारने गला दबाकर निधिकी हत्या की और तदोपरान्त चुपचाप उसके शवको दबानेकी तैयारी करने लगा ।
“दो पुत्र और अपने पतिको तोडनेवाली मूढ हिन्दू महिलाको सम्भवतः धर्मान्धके साथ भागनेका फल मिल गया । आजकी न केवल युवतियां अब विवाहित महिलाओंको भी अपने जालमें फंसाकर धर्मान्ध जिहाद करने लगे हैं और अभी भी हिन्दुओंको लगता है कि हमें क्या ? हमारा तो सब ठीक चल रहा है ! यह वृत्ति ही हिन्दुओंके पतन व ह्रासका कारण है । इससे यह भी बोध होता है कि गृहस्थोंको साधनाकी आवश्यकता क्यों है ? साधनाहीन हिन्दू ही धर्मान्धोंके व निधर्मियोंके जालमें फंसते हैं; अतः हिन्दुओ ! धर्मनिष्ठ बनकर साधना करें व करवाएं, यह कालकी मांग है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : नभाटा
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